
सुशांत सिंह राजपूत के केस की जांच सीबीआई कर रही है, ऐसे में CBI ये चाह रही है कि केस में आईपीसी की धारा 302 जोड़ी जाए. अपनी जांच रिपोर्ट को भी एम्स की टीम सबमिट कर चुकी है. सुशांत केस के दूसरे चरण की जांच सीबीआई अब शुरू करने जा रही है. इतना ही नहीं बल्कि ये भी कहा जा रहा है कि सिद्धार्थ पिठानी सरकारी गवाह बन सकता है.
एम्स की रिपोर्ट में सामने आए 3 बड़े सवाल
कूपर हॉस्पिटल में जल्दबाजी में किए सुशांत के पोस्टमॉर्टम पर एम्स की टीम ने 3 बड़े सवाल उठाए हैं। डॉ. सुधीर गुप्ता के अनुसार-
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सुशांत की मौत का समय नहीं लिखा गया।
सुशांत का पोस्टमॉर्टम शाम के समय और धीमी रोशनी में किया गया।
उनके विसरा रिपोर्ट में ड्रग्स की जांच से जुड़ा कोई तथ्य नहीं है।
इसके अलावा पहले यह खबर भी सामने आई थी कि विसरा को सही ढंग से सुरक्षित नहीं किया था, जिसके कारण एम्स की टीम को जांच में परेशानी आई।
नया दावा: मौत से पहले सुशांत से मिली थी रिया
एक चश्मदीद ने दावा किया है कि सुशांत की मौत से ठीक एक दिन पहले यानी 13 जून को रिया उनसे (सुशांत से) मिली थीं। यह कहना है विवेकानंद गुप्ता का। चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि रिया 13 जून की रात 2 से 3 बजे के आसपास सुशांत से मिली थी। बाद में सुशांत उसे घर छोड़ने भी गए थे। ऐसे में रिया का यह कहना कि उसने सुशांत का घर 8 जून को छोड़ दिया था, पूरी तरह झूठ है।
हालांकि, इस बात की पक्की जानकारी भी पिठानी के ही पास है, क्योंकि सुशांत की मौत से एक दिन पहले उनके घर आने वाले लोगों के बारे में पिठानी ही जानता है।
सिद्धार्थ और नीरज बन सकते हैं गवाह
‘रिपब्लिक भारत’ की रिपोर्ट के अनुसार सिद्धार्थ पिठानी सीबीआई की निगरानी में है। अधिकारियों का कहना है कि वह सरकारी गवाह बन सकता है। उससे कई बार पूछताछ और बयान रिकॉर्ड किया जा चुका है। अगली पूछताछ के लिए वह दिल्ली जा सकता है। सिद्धार्थ के अलावा कुक नीरज भी गवाह बन सकता है।