इंदौर के श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (एसजीएसआईटीएस) में पिछले कई महीनों से चल रहे प्रशासनिक गतिरोध और रिजल्ट में देरी को लेकर आखिरकार कार्रवाई की गई है।

संस्थान के परीक्षा नियंत्रक प्रो. लीलाधर मालवीय को पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह प्रो. स्मिता वर्मा को नया एग्जाम कंट्रोलर नियुक्त किया गया है। पद से हटाए जाने की सूचना मिलने के बाद मालवीय ने एसजीएसआईटीएस के डायरेक्टर के सामने एक अनोखी मांग रख दी।
डायरेक्टर को लिखे पत्र में लीलाधर मालवीय ने कहा कि उन्हें आपके केबिन के बाहर मृत्यु की अनुमति दी जाए। यह मांग उन्होंने पद से हटाए जाने के बाद की है।
बताया जा रहा है कि प्रो. मालवीय पर संस्थान के इंटरनल व्हाट्सएप ग्रुप में सीनियर प्रोफेसरों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप हैं। उन्होंने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर संस्थान विरोधी कमेंट्स किए और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इसी के चलते अनुशासनहीनता और प्रोटोकॉल उल्लंघन के आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।मामले में प्रो. मालवीय का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

जांच के लिए गठित की गई विशेष कमेटी
पूरे मामले की जांच के लिए डायरेक्टर ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। इस समिति में संस्थान के बाहर के दो आईटी विशेषज्ञ प्रोफेसरों को शामिल किया गया है। कमेटी सॉफ्टवेयर अपडेट और डाटा हैंडलिंग में हुई गड़बड़ी के आरोपों की भी जांच करेगी।
इधर, जीएसआईटीएस में एनएसयूआई का प्रदर्शन जारी
जीएसआईटीएस कॉलेज में एक ओर जहां पूर्व एग्जाम कंट्रोलर ने मृत्यु की अनुमति की मांग की है, वहीं दूसरी ओर कॉलेज परिसर में एनएसयूआई का प्रदर्शन जारी है। छात्र संगठन फीस बढ़ोतरी के विरोध में आंदोलन कर रहा है।