
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के एक और विवादित बयान से वहीं की सियासत गरमाने लगी है. सीएम तीरथ ने रविवार को कहा कि, लोगों को कोरोना काल में ज्यादा राशन पाना था तो उन्हें दो की जगह ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए थे.
सीएम रावत ने नैनीताल जिले के रामनगर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि कोरोना प्रभावितों को प्रति यूनिट पांच किलोग्राम राशन दिया गया और जिसके 20 बच्चे थे, उसके पास एक क्विंटल राशन आया, जबकि जिसके दो बच्चे थे, उसके पास 10 किलोग्राम आया. उन्होंने कहा, ‘‘भैया इसमें दोष किसका है? उसने 20 पैदा किए तो उसे एक क्विंटल मिला, अब इसमें जलन काहे का. जब समय था तब आपने दो ही पैदा किए, 20 क्यों नही किए?”
गौरतलब है कि, यह कोई पहला मौका नहीं है कि रावत ने इस प्रकार का विवादास्पद बयान दिया है. इससे पहले बीते मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा था कि संस्कारों के अभाव में युवा अजीबोगरीब फैशन करने लगे हैं और घुटनों पर फटी जींस पहनकर खुद को बडे़ बाप का बेटा समझते हैं. उन्होंने कहा था कि ऐसे फैशन में लड़कियां भी पीछे नहीं हैं.
इस संबंध में उन्होंने एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा था कि एक बार जब वह हवाई जहाज में बैठे तो उनके साथ एक महिला बैठी थीं जो गम बूट पहने हुई थीं, ऐसे में वह बच्चों को क्या संस्कार देगी. उनके इस बयान को लेकर भी काफी विवाद पैदा हुआ था और सोशल मीडिया पर जमकर उनकी आलोचना की गई थी.
रामनगर के कार्यक्रम में ही सीएम रावत ने कहा कि, भारत को ब्रिटेन की जगह अमेरिका का गुलाम बता दिया और कहा कि कोविड-19 ने उसकी शक्ति को भी कम कर दिया. उन्होंने कहा, ‘‘जहां हम 200 वर्ष तक अमेरिका के गुलाम थे, पूरे विश्व के अंदर उसका राज था. यह कहते थे कि उसके राज में कभी सूरज छिपता नहीं था, लेकिन आज के समय में वह भी डोल गया, बोल गया.’