चीन की कोरोना वायरस वैक्‍सीन दुनिया में सबसे असुरक्षित, 73 साइड इफेक्‍ट: चीनी डॉक्‍टर

दुनिया भर में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का प्रकोप करीब एक साल से जारी है। वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत के बाद कई वैक्सीन तैयार हुईं है। अमेरिका, ब्रिटेन और रूस समेत कई देशों में लोगों को वैक्सीन लगनी शुरू हो गई है, जबकि भारत में जल्द ही टीकाकरण अभियान शुरू होने वाला है। जिन देशों ने वैक्सीन बनाई है, उनमें चीन भी शामिल है। चीन अपनी कोविड वैक्सीन के सुरक्षित होने का डंका पूरी दुनिया में पीट रहा है, लेकिन अब एक चीनी डॉक्टर ने ही उसके इस दावे की हवा निकाल दी है।

चीन के डॉक्टर ताओ लिना ने दावा किया कि चीन की कोरोना वायरस वैक्सीन दुनिया में सबसे ज्यादा असुरक्षित है और इसके 73 दुष्प्रभाव हैं। इस वैक्सीन को चीन की सरकारी कंपनी साइनोफॉर्म ने विकसित किया है। चीनी डॉक्टर के इस दावे के बाद विवाद खड़ा हो गया है।

चीन का दावा, वैक्सीन सिनोवैक सुरक्षित
नए साल की पूर्व संध्या पर चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने साइनोफॉर्म वैक्सीन को सशर्त मंजूरी दे दी थी। चीन का दावा है कि यह वैक्सीन 79.34 प्रतिशत कारगर है। चीन करोड़ों लोगों के यह वैक्सीन मध्य फरवरी चीनी नववर्ष से ठीक पहले लगाने जा रहा है, जिसमें स्वास्थ्य कर्मचारी और काम करने वाले लोग हैं। चीनी सरकार लगातार दावा करती रही है कि उसकी वैक्सीन सिनोवैक सुरक्षित है। चीन अपनी वैक्सीन पाकिस्तान समेत दुनिया के कई देशों में निर्यात करने जा रहा है।

डॉक्टर ने कहा, चीनी वैक्सीन के 73 साइड इफेक्ट
डॉक्टर ताओ ने साइनोफॉर्म के कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर एक ब्लॉग लिखा था। इसमें उन्होंने आशंका जताई थी कि यह चीनी वैक्सीन दुनिया में सबसे ज्यादा असुरक्षित है। इस पोस्ट में डॉक्टर ताओ ने दावा किया था कि चीनी वैक्सीन के 73 साइड इफेक्ट हैं। इसमें इंजेक्शन के लगने के स्थान पर दर्द, सिरदर्द, हाई ब्लड प्रेशर, दिखाई न देना और स्वाद खत्म हो जाना और पेशाब में दिक्कत शामिल है। इस ब्लॉग को चीनी सोशल मीडिया साइट वीबो पर अपलोड किया गया था।

विवाद बढ़ा तो अपने बयान से पलटे डॉक्टर ताओ
चीन के डॉक्टर का बयान दुनियाभर में वायरल होने के बाद अब डॉक्टर ताओ अपने बयान से पलट गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पश्चिमी मीडिया उनके शब्दों को तोड़ मरोड़ करके पेश कर रहा है। डॉक्टर ताओ ने दावा किया कि उनका पूर्व में दिया गया बयान केवल एक तीखा व्यंग था। डॉक्टर ताओ ने जोर देकर कहा कि चीनी इलाज ‘बहुत सुरक्षित’ है और देशवासियों से लापरवाही से दिए बयान के लिए माफी मांगी। अब यह ऑर्टिकल भी हटा लिया गया है।

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