
इंदौर के सांसद शंकर लालवानी इतने सहज है कि वे जब भी किसी आयोजन में जाते है और कोई मौका नाचने का मिल जाय तो उसे छोड़ते नहीं।ये शंकर लालवानी की लोकप्रियता है कि उनके नाचने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो ही जाता है। ऐसा ही एक वीडियो आज वायरल हुआ जिसमें बंगाली समाज के आयोजन में वे माता की आराधना में किये जाने वाले बंगाली समाज के परम्परागत धुनुची नृत्य में शामिल हो कर नृत्य करते दिखाई दे रहे है। ये राजनीति है या आस्था इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता ,पर सहज और सरल सांसद किसी भी आयोजन में ऐसे नृत्य अवसरों को लपक लेते हैं। और बाद में वो वाइरल हो जाता है।
धुनुची नृत्य:-कभी कोलकाता से शुरू हुई थी धुनुची नृत्य की परंपरा आज पूरे देश में निभाई जाती है। देश के कोने-कोने में बसे देवी भगवती के भक्त नवरात्र के दिनों में मां को प्रसन्न करने के लिए धुनुची नृत्य करते हैं। मान्यता है देवी मां इस नृत्य से अत्यंत प्रसन्न होती हैं और साधक की मनोवांछित कार्यों की सिद्धी होती है।
धुनुची नृत्य असल में शक्ति नृत्य है। बंगाल ट्रेडिशन में यह नृत्य मां भवानी की शक्ति और ऊर्जा बढ़ाने के लिए किया जाता है। पुराणों के अनुसार, चूंकि महिषासुर बहुत ही बलशाली था। उसे कोई नर, देवता मार नहीं सकता था। मां भवानी उसका वध करने जाती हैं। इसलिए मां के भक्त उनकी शक्ति और ऊर्जा बढ़ाने के लिए धुनुची नृत्य करते हैं। धुनुची में कोकोनट कॉयर और हवन सामग्री (धुनो) रखा जाता है। उसी से मां की आरती की जाती है। धुनुची नृत्य सप्तमी से शुरू होता है और अष्टमी और नवमी तक चलता है।