
इन दिनों नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की हलचल तेज हो गई है। वार्डों में दावेदार सक्रिय हो गए हैं और पार्षदी का ख्वाब पालकर बैठे हैं। टिकट के लिए दावेदारी जता रहे हैं, मगर क्या आपको पता है कि पार्षद इस धरती का सबसे शापित नेता है। चौंकिए मत, यह हम नहीं कह रहे बल्कि भाजपा के ही वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन कह रहे हैं।
दरअसल प्रीतमलाल दुआ सभागृह में ब्रह्म संसद के कार्यक्रम में कवि सत्तन ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस धरती पर कोई शापित नेता है तो वह है पार्षद। रात-दिन वह सिर्फ साफ-सफाई की बातें ही सोचता है। सुबह उठते ही भगवान के नाम से पहले उसे खराब ड्रेनेज का पानी और गंदगी ही दिखती है। अपने अनूठे अंदाज में चुटीली टिप्पणी कर सत्तन ने सबको चौंका दिया और उनकी इस बात पर लोग जमकर ठहाके लगाने लगे। सत्तन ने आगे कहा कि पार्षद का तो बस ये है कि सुबह उठा तो नाली चोक, सवेरे उसे भगवान याद नहीं आते। वह सीताराम नहीं बोलता, हरिशंकर नहीं बोलता, ऊं भूर्भुव स्व:.. नहीं बोल पाता। उसको सबसे पहले सुबह कुछ दिखती है तो ड्रेनेज की तस्वीर। सबसे ज्यादा स्थिति खराब है उसकी। यह कर्मदंड नहीं तो क्या है। उसको काम का टेंशन है, किसी की नाली चोक हो जाने का टेंशन, किसी की ड्रेनेज लाइन खराब होने का टेंशन, गंदगी का टेंशन, इस तरह के टेंशन उसे धरती का सबसे ज्यादा शापित इंसान बनाते हैं। बता दें क कि सत्तन अपनी इसी तरह की बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। तीन महीने पहले उन्होंने इंदौर के नाम बदलने के मामले में बैठक में पार्टी नेताओं, धर्म गुरुओं व समाजसेवियों पर सवाल खड़े कर दिए थे। उन्होंने कहा कि इंदौर का नाम बदलना यानी अपने माता-पिता के नाम बदलने जैसा है।