
गुरुवार को इंदौर के प्रशासन के अधिकारियों ने रीजनल पार्क के सामने बने पटाखा मार्केट में लाइसेंस नहीं होने पर दो दुकानें सील कर दीं। इस कार्रवाई पर सवाल उठे हैं, क्योंकि प्रशासन ने अभी तक इस साल के ताजा लाइसेंस जारी ही नहीं किए हैं। इसके बाद व्यापारियों ने विरोध में पूरा मार्केट बंद कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने आदेश दे दिया कि भले ही मार्केट में 61 दुकानें बन गई हों, लेकिन यहां सिर्फ 40 दुकानें ही लग सकेंगी। इसके बाद देर रात तक व्यापारी बैठक करते रहे।
गुरुवार दोपहर में एडीएम पवन जैन व अन्य अधिकारी पटाखा मार्केट में दो दुकानों की जांच करने पहुंचे। एक दुकान में फुलझड़ियां रखी पाई गई। इस पर संचालक से लाइसेंस मांगा गया। व्यापारी ने लाइसेंस के लिए जमा चालान फीस की प्रति दिखाई। अधिकारियों ने कहा कि यह लाइसेंस नहीं है। इस पर व्यापारी ने कहा कि पूरे बाजार में सभी दुकानें ही चालान के आधार पर लगी हैं। लाइसेंस तो अभी किसी को जारी नहीं हुए। अधिकारी पंचनामा बनाने लगे तो व्यापारी ने कहा कि ऐसे तो सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारी नहीं माने, उन्होंने दो दुकानें सील कर दीं। इसके बाद व्यापारी एसोसिएशन ने बाजार की सभी दुकानें बंद कर दीं।
अंदरुनी रस्साकशी दिखी – सूत्रों के मुताबिक, व्यापारी एसोसिएशन की अंदरुनी रस्साकशी को ही प्रशासन की कार्रवाई का आधार बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, बीते दिनों व्यापारी एसोसिएशन के फंड में रुपया इकट्टा करने की बात पर कुछ व्यापारियों ने इसका विरोध किया था। रुपये देने पर सहमति नहीं दी थी। दरअसल, हर साल दुकानें बनाने से लेकर अन्य तमाम ऊपरी खर्च के लिए एसोसिएशन रुपया इकट्ठा करता है। इसे लेकर व्यापारियों में विवाद होता है। व्यापारी दबी जुबान में आरोप लगा रहे हैं कि एसोसिएशन के ही कुछ लोग ताजा कार्रवाई के पीछे हैं। हालांकि, दोपहर बाद जब प्रशासन ने दुकानें कम करने का फरमान सुनाया तो सब व्यापारी एकजुट हो गए और मालवा मिल क्षेत्र में एक दुकान पर बैठक की। पटाखा व्यापारी एसोसिएशन के शंकर होतचंदानी ने कहा कि हम बैठक कर रहे हैं, आपस में बैठकर मामले का हल निकाल लेंगे।
40 दुकानें ही लगेंगी – कार्रवाई के बाद एडीएम पवन जैन ने कहा कि व्यापारियों की ओर से ही सूचना दी गई थी, ऐसे में चिह्नित दुकानों पर कार्रवाई हुई। उनके पास लाइसेंस नहीं पाया गया। चालान की प्रति को लाइसेंस नहीं माना जा सकता। एडीएम ने कहा कि पता चला है कि कई व्यापारी जो कारोबार नहीं कर रहे, उनके लाइसेंस पर दूसरे दुकान लगा रहे हैं। हमने इनकी एसोसिएशन से कह दिया है कि सिर्फ 40 दुकानें ही यहां रहेंगी। सुरक्षा का सवाल है। वे आपस में बैठकर तय कर लें।