
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की बातचीत का एक वीडियो सामने आया है। इसमें कमलनाथ पंडित मिश्रा से ये कह रहे हैं कि हम 7 दिन से मर रहे हैं…। कमलनाथ के इस वीडियो पर भाजपा ने तंज किया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने राहुल गांधी से कहा है कि ऐसे लोगों को जबरदस्ती न चलाएं।
वीडियो मंगलवार, यानी 29 नवंबर का बताया जा रहा है। कमलनाथ इंदौर में कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला के घर पहुंचे थे। यहां पंडित मिश्रा कथा करने आए थे।
पं. प्रदीप मिश्रा से ये बोले कमलनाथ…
वीडियो में कमलनाथ, पं. प्रदीप मिश्रा को बता रहे हैं कि राहुल गांधी का नियम है कि रोज 1 दिन में 24 किलोमीटर से कम नहीं चलेंगे। उनके साथ बाकी हम सब लोग भी 7 दिन से MP में चल रहे हैं। यात्रा सुबह 6 बजे शुरू हो जाती है। VIDEO की शुरुआत में ही कमलनाथ कहते हैं- हम तो 7 दिन से मर रहे हैं।
कमलनाथ के पहले पंडित प्रदीप मिश्रा ये कहते सुनाई दे रहे हैं कि – ये बात तो सत्य है कि इतना चलना, सबसे मिलना, चाहे साधारण व्यक्ति हो या बड़ा व्यक्ति हो सबसे मिलना। छोटे से छोटे व्यक्ति से मिलना, तप साधना इसी को कहते हैं। इसके बाद कमलनाथ ये कहते सुना जा रहे हैं कि – हम तो 7 दिन से मर रहे हैं।
कमलनाथ फिर कहते हैं कि – केवल 2 प्रिंसिपल हैं उनके (राहुल गांधी)। एक दिन में 24 किलोमीटर से कम नहीं चलूंगा। दूसरा- ओंकारेश्वर, टंट्या मामा की जन्मस्थली और महाकालेश्वर के दर्शन। ये 3 स्थान जाने का उनका संकल्प था। राहुल ने कहा था कि भले ही ये तीनों स्थान यात्रा में जोड़ देना, लेकिन 24 किलोमीटर प्रतिदिन चलने के सिद्धांत पर कायम रहूंगा।
कमलनाथ ने पं. प्रदीप मिश्रा को छिंदवाड़ा में कथा करने का न्योता दिया। वे मिश्रा से बोले- हमने उज्जैन में तपोभूमि जाकर प्रज्ञा सागर महाराज के दर्शन किए और महाकाल से निकलकर आपके पास आ गया हूं, मैंने कहा कि मैं तो कथा में जरूर जाऊंगा…।
नरोत्तम बोले- राहुल से प्रार्थना जबरदस्ती न चलाएं
पं. प्रदीप मिश्रा और कमलनाथ की बातचीत का VIDEO सामने आने के बाद गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा- कमलनाथ का VIDEO देखा। इसमें आप कह रहे हैं कि हम 7 दिन से मर रहे हैं। मैंने ये भी सुना कि कैसे उन्होंने अपनी शर्तों पर प्रोग्राम में टंट्या मामा, बाबा महाकाल के यहां जाने के लिए आपसे जुड़वाया। पीड़ा स्वाभाविक है आपकी।
ये धर्म और जनजाति के प्रति उनका पाखंड है, वो भी आपकी जुबान से स्पष्ट हो रहा है। मैं राहुल गांधी से प्रार्थना करता हूं कि जो लोग शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं, उनको ऐसे जबरदस्ती न चलाएं कि उनको मरने की बात करनी पड़े। आपका ये इवेंट किसी के लिए नुकसानदायक न साबित हो जाए।