
इंदौर के शासकीय लॉ कॉलेज की लाइब्रेरी में मिली विवादास्पद किताब ‘सामूहिक हिंसा एवं दाण्डिक न्याय पद्धति’ की लेखिका डॉ. फरहत खान परिवार समेत फरार हो गई हैं। भंवरकुआं पुलिस ने सभी को पकड़ने के लिए छापे मारे। इस दौरान प्रकाशक अमर क्षेत्रपाल को पुलिस ने पकड़ लिया है। अमर पत्नी के नाम से प्रकाशन का कार्य करता है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस कानून व्यवस्था में व्यस्त हो गई थी। किसी भी आरोपित को पकड़ नहीं सकी थी। सभी आरोपित अब अग्रिम जमानत की जुगाड़ में लगे हुए हैं।
ला कालेज में विवादित पुस्तक सामने आने के बाद भंवरकुआं पुलिस ने शनिवार दोपहर डा. फरहत खान (लेखिका), इमामूल रहमान (प्रिंसिपल), डा. मिर्जा मोजिज (प्राध्यापक) और अमर ला पब्लिकेशन के प्रकाशक के खिलाफ केस दर्ज किया था। गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस कानून व्यवस्था में व्यस्त हो गई। एक भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। सोमवार को कुछ लोगों की खोजबीन शुरू की लेकिन पता चला लेखिका घर से गायब है। उनके मकान (श्रीनगर कांकड़) पर ताला लगा हुआ मिला।
भंवरकुआं टीआइ शशिकांत चौरसिया के मुताबिक लकी का आरोप है कि आरोपितों द्वारा असत्य, निराधार, राष्ट्रविरोधी, लोक प्रशांति को भंग करने के उद्देश से राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकुल प्रभाव डालने वाले धार्मिक उन्माद फैलाने के इरादे से झूठा, सारहीन बगैर साक्ष्य के हिंदू धर्म के खिलाफ टिप्पणी की गई है। लेखक का उद्देश्य मुस्लिम छात्रों में हिंदू धर्म के विरुद्ध नफरत फैलाने की भावनाएं डालकर देश में आंतरिक गृह युद्ध छेड़कर राष्ट्र की संप्रभुता एवं आंतरिक सुरक्षा एवं धार्मिक सौहार्द पर कुठाराघात है।
लेखिका ने विधि कालेज को केंद्र बिंदू बनाया और प्राचार्य डा. ईनामूल के माध्यम से छात्रों को विवादित सामग्री परोसी गई। इस कृत्य को शैक्षणिक जिहाद का नाम दिया गया है। राष्ट्र विरोधी छात्रों का ब्रेनवाश कर अन्य संगठनों से ट्रेनिंग पाने के लिए उकसाया जा रहा है।नफरत एवं उन्माद की भावना जगाकर मुस्लिम छात्रों को देश में गृह युद्ध छेड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा। शिक्षकों द्वारा पुस्तकें पढ़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा।