
ट्रैफिक रूल्स तोड़कर जा रहे एक कार सवार पर चालानी कार्रवाई के लिए ट्रैफिक जवान ने अपनी जान की बाजी लगा दी। आखिरकार कार सवार को पकड़ लिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।
घटना इंदौर की है। जहां कार नहीं रोकने पर एक ट्रैफिक जवान उसके बोनट पर चढ़ गया, लेकिन कार सवार ने कार रोकने की बजाय आगे बढ़ा दी। वह कॉन्स्टेबल उसी हालत में करीब 4 किलोमीटर दूर तक ले गया। बाद में साथी ने बाइक से पीछा कर कार सवार को पकड़ा। उसके पास से पिस्टल बरामद हुई है।
घटना इंदौर में सोमवार दोपहर की है। सत्य साईं चौराहे पर सूबेदार सुरेंद्र सिंह और उनकी टीम चैकिंग कर रही थी। इस दौरान एक कार को ट्रैफिक के सूबेदार और हेड कॉन्स्टेबल ने हाथ का इशारा देकर रोकने का प्रयास किया। कार रोकने पर ट्रैफिक जवान ने कहा कि मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाने पर आपका चालान कटेगा, यह सुनकर कार सवार केशव उपाध्याय ने कार आगे बढ़ा दी। जिसे रोकने के लिए हेड कॉन्स्टेबल कार के बोनट पर चढ़ गया। आरोपी ड्राइवर हेड कॉन्स्टेबल को इसी हालत में काफी दूर तक ले गया।
बाइक से पीछा कर कार को पकड़ा
ड्राइवर के कार नहीं रोकने पर सूबेदार सुरेंद्र सिंह ने तुरंत ही बाइक स्टार्ट कर ली थी। उन्होंने कार का पीछा किया। लसूड़िया के पास उन्होंने कार को रोक दिया। इस दौरान कार ड्राइवर उनसे बदतमीजी करने लगा। पुलिस ने जब कार की तलाशी ली जो उसमें से पिस्टल बरामद की। आरोपी कार चालक से पूछताछ की जा रही है।
हेड कॉन्स्टेबल ने बताया-चालान की बात पर दौड़ा दी कार
हेड कॉन्स्टेबल शिव सिंह ने बताया कि सोमवार दोपहर को मैं सूबेदा सुरेंद्र सिंह के साथ ड्यूटी कर रहा था। मैंने कार चालक को देवास नाका की ओर से कार चलाते समय मोबाइल पर बात करते हुए देखा था। इसके बाद मैंने उसे रोका तो वह रुक गया। मैंने कहा कि उसका चालान कटेगा। यह सुनकर वह वापस गाड़ी में बैठा और गाड़ी बढ़ा दी। तब मैं भी उछल कर गाड़ी के बोनट पर बैठ गया।
मैंने दोनों हाथों से बोनट को पकड़ लिया। इस दौरान कभी ब्रेक लगाकर कभी कट मारकर उसने गिराने की कोशिश की। ताकि मैं उछल कर गिर जाऊं। लेकिन मैं पूरी ताकत से बोनट को दोनों हाथों से पकड़े हुए था। इसी दौरान ऑफिसर सुरेंद्र सिंह बुलेट से पीछा करते हुए पहुंचे। यहां ट्रक और दूसरे वाहन चालकों से आगे गाड़ी लगवा कर उसे रुकवाया गया। उसके पास से एक पिस्टल भी मिली है।
ट्रैफिक सूबेदार ने कहा- आरोपी के पास लाइसेंसी पिस्टल मिली
ट्रैफिक सूबेदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी के पास पिस्टल मिली, वह लाइसेंसी है। हेड कॉन्स्टेबल की जान बच गई। उसने आरोपी को भागने नहीं दिया। उसने अपनी जान की परवाह न करते हुए अपनी ड्यूटी निभाई। करीब 4 किलोमीटर तक हेड कॉन्स्टेबल गाड़ी के बोनट पर लटका रहा। लसूड़िया थाने के बाहर भी उसने कार को लॉक कर रखा था। गाड़ी से आरोपी नहीं उतर रहा था। टीआई संतोष दूधी के आने के बाद वह गाड़ी से बाहर आया। आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने समेत अन्य मामलों में केस दर्ज किया गया है।