
पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह इंदौर की उन सीटों पर जीत की रणनीति बनाएंगे जो कांग्रेस सालों से हारती आ रही है। इसमें 2, 4 और 5 नंबर विधानसभा सीट शामिल है। दो दिन इंदौर में रुककर दिग्विजय जिताऊ कैंडिडेट ढूंढ़ेंगे।
हालांकि इंदौर में कांग्रेस नेतृत्व विहीन है। चार महीने से शहर अध्यक्ष पद रिक्त है। पार्टी नाम ही घोषित नहीं कर सकी है, ऐसे में पुरानी कार्यकारिणी के साथ ही वे चुनाव संबंधी तैयारियों पर चर्चा करेंगे। साथ ही विधानसभा चुनाव के पहले तीनों सीट पर संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
कार्यकर्ताओं और नेताओं से बातचीत कर दिग्विजय अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। कांग्रेस में दो नंबर में जहां नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे अपनी दावेदारी जता रहे हैं, वहीं 4 नंबर में कांग्रेस के पास कोई बड़ा नाम नहीं है। 5 नंबर में जरूर पूर्व विधायक और पिछली बार के हारे हुए प्रत्याशी सत्यनारायण पटेल और स्वप्निल कोठारी पूरी ताकत के साथ दावेदारी जता रहे हैं।
ध्यान रहे कि दो नंबर भाजपा का गढ़ है। यह रमेश मेंदोला की सीट है और पहले यहां से कैलाश विजयवर्गीय लड़ते आए हैं। चार नंबर सीट पूर्व मंत्री लक्ष्मणसिंह गौड़ का गढ़ है, यहां से उनकी पत्नी मालिनी गौड़ विधायक हैं।
इसके अलावा एक अन्य सीट पर महेंद्र हार्डिया विधायक(5 नंबर )हैं , तीनों ही सीटों पर भाजपा का कब्जा है।