
सतपुड़ा भवन में लगी भीषण आग के दौरान 16 घंटे लगातार काम करने के बाद कलेक्टर आशीष सिंह घटनास्थल से घर के लिए निकले थे। सतपुड़ा भवन आगजनी की जानकारी जब कलेक्टर श्री सिंह को मालूम हुई तो उन्होंने तुरंत अपने दो एसडीएम जमील खान और राजेश गुप्ता को मौके पर भेज दिया।
उनके द्वारा जब बताया गया कि आग लगातार बढ़ रही है तो कलेक्टर भी तुरन्त मौके पर पहुंचे और संबंधित विभागों नगर निगम, भेल, एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ-साथ सीआरपीएफ और आसपास के जिलों के साथ उन्होंने समन्वय शुरू किया। इसके साथ ही कलेक्टर श्री सिंह
मुख्यमंत्री के साथ भी लगातार संपर्क में रहते हुए उनसे भी निर्देश लेते रहे और फिर मुख्यमंत्री द्वारा दिए निर्देशों की मॉनिटरिंग भी करते रहे . इन सब के बीच कलेक्टर द्वारा घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी जाती रही.
शाम 6:00 बजे से सुबह 8:00 बजे तक वे मौके पर ही तैनात रहे और फायर ब्रिगेड के द्वारा आग बुझाने की कोशिश में भी सहयोग करते रहे है ।
एयरपोर्ट अथॉरिटी से प्राप्त फायर ब्रिगेड ने जब बड़े प्रेशर से पानी फेंका तब आग पर नियंत्रण आना शुरू हुआ और लगभग सुबह 5:00 बजे हाइड्रोलिक मशीन से जब पानी अंदर से भी डाला गया तो धीरे-धीरे आग पर नियंत्रण आना शुरू हो गई थी ।
इस दौरान कलेक्टर बिना आराम किए लगातार आगजनी पर काबू पाने के प्रयास सतत रूप से करते रहे . सुबह 8:00 बजे जब आग पूरी तरह नियंत्रण में आ गई , तब आशीष सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी जानकारी दी और संबंधित विभाग के अधिकारियो को घटना स्थल का दौरा भी कराया ।
अपनी जिम्मेदारी को बड़ी शिद्दत से निभाने वाले कलेक्टर श्री सिंह बताया कि ऐसी घटनाएं हमें सीखने का मौका देती है , घटना होने के बाद यदि मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ी जाय तो बिना कोई जनहानि के इस तरह की घटना को छोटे नुकसान के साथ रोका जा सकता है . हमारी प्राथमिकता भी यही रही और सभी के संयुक्त प्रयासों से आगजनी पर काबू पाया जा सका .