इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से स्वास्थ्य आपदा, एक हफ्ते में 150 बीमार; 35 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती, मंत्री विजयवर्गीय ने जानी हालत, सीएम मोहन यादव ने दिए मुफ्त इलाज व जांच के निर्देश

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में सोमवार को दूषित पानी पीने से 35 से अधिक लोग बीमार हैं। इस क्षेत्र में एक हफ्ते में करीब डेढ़ सौ लोगों को उल्टी, लूज मोशन की शिकायत हुई है। इनमें से कुछ तो एडमिट होकर डिस्चार्ज भी हो चुके हैं।

मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मामले का तत्काल संज्ञान लिया और प्रशासन को जरूरी निर्देश दिए हैं। मंत्री कैलाश विजय वर्गीय ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों से बात की है। उन्होंने कहा है कि सभी के इलाज का खर्च प्रशासन वहन करेगा। जिन्होंने पैसे जमा करा दिए हैं उनके पैसे वापस किए जाएंगे।

आशंका है कि वार्ड और आसपास के क्षेत्रों में हो रही खुदाई में गंदगी मिलने या टंकी का पानी दूषित होने से यह स्थिति बनी है। इसकी जांच की जा रही है।

बता दें, इस मामले को लेकर सोमवार को ही कांग्रेस ने वार्ड कार्यालय में प्रदर्शन किया था।

मंत्री विजयवर्गीय ने मरीजों की जानी स्थिति।

बीमार लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और मतली की शिकायत के बाद नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से 20 से अधिक मरीज वर्मा हॉस्टिपल में भर्ती हैं, जबकि अन्य को त्रिवेणी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया।

सभी मरीजों की हालत स्थिर है। रहवासियों के मुताबिक लोगों को दूषित पानी से उल्टी, लूज मोशन, बदहजमी होने का सिलसिला 24 दिसंबर से चल रहा है।

अब तक करीब 150 लोग बीमार हो चुके हैं। इनमें कई तो विभिन्न अस्पतालों में एडमिट होकर डिस्चार्ज भी हो गए।

क्षेत्र में खुदाई या टंकी का दूषित पानी

कुछ रहवासियों का कहना है कि वार्ड और आसपास के क्षेत्रों में खुदाई का काम चल रहा है। आशंका है कि कहीं से ड्रेनेज की लाइन फूटी और यह स्थिति बनी। कुछ लोगों का कहना है कि टंकी से सप्लाय होने वाला पानी दूषित हो गया है जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अस्पताल पहुंचकर जानी स्थिति सोमवार देर रात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला, मेयर पुष्यमित्र भार्गव वर्मा हॉस्पिटल पहुंचे और मरीजों से मुलाकात कर स्थिति जानी।

उन्होंने कहा भागीरथपुरा के नागरिकों से अपील है कि पानी उबालकर ही पिएं और सीधे नल का पानी न लें। अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों का निःशुल्क इलाज किया जाए, इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।

मीना सुनहरे रविवार शाम से बीमार हैं और सोमवार को एडमिट होना पड़ा। उन्होंने बताया कि दो दिनों में ही 50 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं और सिलसिला जारी है।

महेंद्र कैथवास और उनके बेटे दोनों बीमार हैं। महेंद्र का कहना है कि आसपास के लोग भी बीमार हैं।

मंत्री ने यह भी कहा कि पानी के दूषित होने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। टीमें लगातार पानी के सैंपल ले रही हैं, जल्द ही स्थिति स्पष्ट होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश

मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी मरीजों का समुचित और उपचार सुनिश्चित किया जाए। इलाज में किसी भी तरह की कमी न रहे और मरीजों को आवश्यक दवाइयां, विशेषज्ञ सभी जरूरी संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएं।

मोनू सेन ने बताया कि दो दिन पहले बड़े भाई को एडमिट कराया था। सोमवार को खुद को उल्टी, लूज मोशन हुए तो वर्मा हॉस्पिटल में एडमिट होना पड़ा।

कलेक्टर शिवम ने बताया कि शिकायत मिलते ही चिकित्सा और प्रशासनिक टीमें मौके पर भेजी गई। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को उपचार की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कराई जा रही है।

रीना कैथवास ने बताया कि 8-10 दिनों से दूषित पानी से कई लोग बीमार हो चुके हैं। अब मां की तबीयत खराब होने से वह चिंता में है।

पहले भी होती रही शिकायतें, कांग्रेस ने सुबह किया था प्रदर्शन

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वे लंबे समय से दूषित पानी की शिकायत कर रहे थे, लेकिन न तो प्रशासन और न ही इंदौर नगर निगम ने समय रहते ध्यान दिया। इसके पूर्व सोमवार को विधानसभा क्षेत्र-2 में कांग्रेस ने जनसमस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था।

जोन क्रमांक-8 में हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शंख-घंटी बजाकर और मटके फोड़कर निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वार्ड 30, 37 और 28 में गंदा पानी, कचरे का ढेर, चोक ड्रेनेज लाइन, बदबू, टूटे चेंबर ढक्कन और नियमित सफाई न होना जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। इन मांगों को लेकर जोनल अधिकारी के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।

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