भोपाल में वुमन पावर अवॉर्ड 2026 कार्यक्रम में शामिल टीवी अभिनेत्री कांची सिंह ने आयोजकों और रेस्टोरेंट संचालक पर बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बातचीत के दौरान उन्हें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नाम लेकर धमकाने की कोशिश भी की गई।
हालांकि, आयोजकों और रेस्टोरेंट संचालक ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। यह कार्यक्रम 14 मार्च को भोपाल में आयोजित हुआ था। मामले को लेकर कांची सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपनी बात रखी।
इवेंट ठीक रहा, डिनर के लिए इनवाइट किया
एक्ट्रेस कांची सिंह ने बताया कि इवेंट के दौरान उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। कार्यक्रम तय समय पर पूरा हुआ और उन्हें उनका भुगतान भी समय पर मिल गया। स्टेज पर उनकी प्रस्तुति, प्रतिभागियों से बातचीत और अन्य गतिविधियां सामान्य तरीके से हुईं। उस समय तक उन्हें आयोजन से कोई शिकायत नहीं थी और माहौल पूरी तरह सकारात्मक था।
इवेंट के बाद आयोजकों ने कांची सिंह को डिनर के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि यह डिनर आयोजक बीना श्रीवास्तव के जन्मदिन के मौके पर रखा गया था। कांची ने इसे सामान्य शिष्टाचार मानते हुए इसमें शामिल होने का फैसला किया और कहा कि एक कलाकार के तौर पर वह ऐसे आयोजनों में लोगों से जुड़ना पसंद करती हैं।

डिनर के दौरान लगातार होती रही वीडियो रिकॉर्डिंग
कांची के मुताबिक, डिनर स्थल पर पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। वहां स्क्रीन पर उनके वीडियो चलाए गए, जिससे माहौल को खास बनाने की कोशिश की गई।डिनर के दौरान उनके रिएक्शन, खाने और अन्य गतिविधियों की लगातार वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी। कांची ने कहा कि उस समय उन्हें नहीं लगा कि इन वीडियो का इस्तेमाल किसी प्रमोशनल उद्देश्य के लिए किया जाएगा।
बिना अनुमति वीडियो पोस्ट करने का आरोप
एक्ट्रेस कांची सिंह ने आरोप लगाया कि डिनर के दौरान शूट किए गए वीडियो उनकी अनुमति के बिना सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए गए। कांची का कहना है कि किसी भी कलाकार के कंटेंट का इस्तेमाल करने से पहले उसकी सहमति लेना जरूरी होता है। उन्होंने इसे प्रोफेशनल एथिक्स के खिलाफ बताते हुए नाराजगी जताई।
बातचीत में प्रभावशाली लोगों से संबंध की बात कही
कांची सिंह ने बताया कि जब उन्होंने वीडियो हटाने या प्रमोशन के भुगतान की बात उठाई, तो उनकी बातचीत अमानते रेस्टोरेंट के संचालक मनीष शर्मा से हुई। कांची के मुताबिक, बातचीत के दौरान प्रभावशाली लोगों से संबंध होने की बात कही गई और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का नाम लेकर दबाव बनाने की कोशिश की गई।कांची ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि किसी भी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के नाम का इस तरह इस्तेमाल करना गलत है। उनका कहना है कि इससे मामला और विवादित हो गया।

बिल विवाद से खुद को अलग बताया, बदसलूकी का आरोप
कांची सिंह ने कहा कि वीडियो हटाने की मांग पर उनसे पहले आयोजकों का रेस्टोरेंट बिल चुकाने की बात कही गई। इस पर उन्होंने साफ किया कि आयोजकों और रेस्टोरेंट के बीच आर्थिक लेन-देन से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि उनकी सहमति के मुद्दे को किसी तीसरे पक्ष के बिल से क्यों जोड़ा जा रहा है।
कांची ने आरोप लगाया कि अपनी बात रखने पर उनके साथ ठीक तरीके से बात नहीं की गई। उन्हें अपमानजनक जवाब दिए गए और उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। कांची के मुताबिक, बातचीत के दौरान प्रभावशाली लोगों से संबंध होने का हवाला देकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई।कांची ने आयोजक बीना श्रीवास्तव पर आरोप लगाया कि विवाद के समय उन्होंने कोई ठोस सहयोग नहीं किया। उनके अनुसार, जरूरत के वक्त आयोजक वहां से चली गईं और स्थिति संभालने की कोशिश नहीं की।

कहा- मकसद किसी व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं
अंत में कांची सिंह ने कहा कि उनका मकसद किसी व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने भोपाल और मध्यप्रदेश के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोग अच्छे हैं, लेकिन इस अनुभव से उन्हें निराशा हुई। उन्होंने अपील की कि ऐसे आयोजनों में सतर्क रहें और किसी भी गड़बड़ी पर आवाज उठाएं।
रेस्टोरेंट संचालक ने आरोपों से किया इनकार
अमानते रेस्टोरेंट के संचालक मनीष शर्मा ने कांची सिंह के सभी आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि न तो कोई बदसलूकी हुई और न ही किसी तरह की धमकी दी गई।मनीष शर्मा के अनुसार, कांची खुद रेस्टोरेंट आईं और वहां के माहौल की तारीफ करते हुए वीडियो में प्रमोशन किया, जो उनकी सहमति से बनाया गया था। उन्होंने बताया कि कांची ने अपने परिवार के साथ खाना खाया, जिसका करीब 78 हजार रुपए का बिल हुआ।उनके मुताबिक, इसी के बदले प्रमोशन की बात हुई थी, लेकिन बाद में कांची ने अलग से पैसे की मांग की।
सीएम का नाम लेने के आरोप से इनकार, वीडियो हटाया
मनीष शर्मा ने मुख्यमंत्री का नाम लेकर दबाव बनाने के आरोप को भी गलत बताया। साथ ही कहा कि विवाद के बाद संबंधित वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया गया है।

आयोजक बोले- सभी भुगतान समय पर किए
आयोजन से जुड़ी बीना श्रीवास्तव ने कहा कि इवेंट सफलतापूर्वक हुआ और सभी भुगतान समय पर कर दिए गए थे। उनके मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान कोई समस्या नहीं हुई और विवाद बाद की परिस्थितियों से जुड़ा है।बीना श्रीवास्तव ने इस विवाद के लिए कांची सिंह के पर्सनल मैनेजर शुभम तोमर को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और तालमेल की कमी के कारण यह स्थिति बनी।
बीना ने कहा- विवाद से छवि को नुकसान पहुंचा
बीना के अनुसार, इस विवाद से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है और उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे इस मामले पर ज्यादा सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करना चाहतीं।
इंदौर की कांची कई सीरियल में कर चुकीं काम
कांची सिंह भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री का जाना-पहचाना चेहरा हैं। इंदौर की रहने वाली कांची ने “ये रिश्ता क्या कहलाता है” और “और प्यार हो गया” जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में काम किया है।