
देशभर में चल रहे कोरोना टीकाकरण अभियान के बीच राजस्थान में टीके की कमी हो गई है। इस संबंध में राज्य सरकार ने केंद्र को चिट्ठी लिखी है और कहा है कि अगर और कोरोना वैक्सीन नहीं भेजी गई तो कल तक सारा स्टॉक खत्म हो जाएगा। राज्य में इस कारण से कोरोना टीकाकरण की रफ्तार भी धीमी हो गई है और अब सिर्फ उन्हीं लोगों को टीका दिया जा रहा है जिन्हें आज दूसरी खुराक दी जानी थी।
हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने इस बात से इनकार किया है कि राजस्थान में वैक्सीन की कमी हो गई है. राजस्थान में हर रोज लगभग 2.5 लाख लोगों को टीका लगा रहा है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर रघु शर्मा ने केंद्र को SOS भेजा है और बताया कि राज्य के पास अब बस 5.85 लाख डोज बचे हैं, ऐसे में उसे बफर स्टॉक चाहिए.
शर्मा ने NDTV से बातचीत में बताया कि ‘अगर वैक्सीन टाइम पर नहीं पहुंचती है तो हमारे पास अगले तीन दिनों के लिए वैक्सीन बचेगी. हमने कहा था कि जिस हिसाब से ड्राइव चल रहा है, उसके हिसाब से अकेले मार्च के लिए हमें 60 लाख वैक्सीन की जरूरत पड़ेगी. अगर वैक्सीन नहीं मिलीं तो टीकाकरण बीच में ही रोकना पड़ेगा. अगर स्टॉक ही नहीं रहेगा, तो हम ड्राइव कैसे चलाएंगे?’
राजस्थान में फिलहाल कोविशील्ड और कोवैक्सीन के 67 लाख लाभार्थी हैं. जनवरी में टीकाकरण शुरू होने के बाद से अब तक 29.9 लाख डोज दिए जा चुके हैं. इनमें से 2.15 लाख डोज राज्य सरकार ने सेना को दिए हैं. लेकिन अब टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू हो चुका है, जिसका स्तर और बड़ा और गति पहले से ज्यादा है. इस चरण में 60 से ऊपर के उम्र के लोगों सहित 45 साल से ऊपर के ऐसे लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है, जो दूसरी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं. ऐसे में राज्य को मार्च के लिए कम से 60 लाख डोज की जरूरत है.
यहां बूंदी, झालावार, झूंझनूं, अलवर, नागौर, जयपुर और करौली में वैक्सीन की कमी के चलते वैक्सीन का पुनर्वितरण भी हो चुका है.