अभिनेता रवि किशन के DNA टेस्ट पर कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला, एक्टर शिनोवा शुक्ला ने बायोलॉजिकल पिता होने का किया था दावा

  • भोजपुरी और हिंदी फिल्म स्टार रवि किशन के डीएनए टेस्ट पर मुंबई की डिंडोशी सेशन कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। गुरुवार, 25 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान रवि किशन ने 25 वर्षीय महिला शिनोवा शुक्ला को बेटी मानने से इनकार कर दिया।

 

शिनोवा ने दावा किया था कि रवि किशन उसके जैविक पिता हैं। लेकिन साथ ही यह भी दावा किया था कि वह एक्टर को चाचू कहकर बुलाती थी। रवि किशन के बायोलॉजिकल पिता होने का दावा करने वाली शिनोवा ने हाल ही एक्टर के डीएनए टेस्ट की मांग की थी और केस दायर किया था।

 

गुरुवार को इसी केस की सुनवाई के दौरान डिंडोशी सेशन कोर्ट में शिनोवा के वकील सुशील उपाध्याय ने दलील दी कि रवि किशन ही उसके पिता हैं। उनकी शिनोवा के साथ बचपन की कई तस्वीरें हैं। वकील ने शिनोवा की तरफ से यह भी दावा किया कि Ravi Kishan ही बचपन से उसकी परवरिश करते आ रहे हैं। शिनोवा ने न सिर्फ रवि किशन के डीएनए टेस्ट की मांग की थी, बल्कि पिता राजेश सोनी का भी डीएनए टेस्ट करवाया था। हालांकि उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। इससे यह तो साबित हो जाता है कि राजेश सोनी, शिनोवा के असली पिता नहीं हैं।

रवि किशन के वकील की दलील- एक्टर का महिला से कोई रिश्ता नहीं

वहीं सुनवाई के दौरान रवि किशन की ओर से पेश वकील अमीत मेहता ने दलील दी कि शिनोवा नाम की महिला के साथ एक्टर का कोई रिश्ता नहीं है। वह उनकी बेटी नहीं हैं। वकील ने यह भी कहा कि रवि किशन की शिनोवा की मां अपर्णा ठाकुर से जान-पहचान थी। दोनों सिर्फ अच्छे दोस्त थे, पर कभी किसी रिश्ते में नहीं रहे।

शिनोवा के वकील अशोक सरावगी ने दावा किया कि अपर्णा ठाकुर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ीं और रवि किशन के संपर्क में आईं तो उन्हें एक- दूसरे से प्यार हो गया। उनके बीच एक रिश्ता कायम हो गया और फिर बेटी शिनोवा पैदा हुई। वकील के मुताबिक, रवि किशन कथित तौर पर शिनोवा की देखरेख करते आ रहे थे, पर पिछले कुछ साल से उन्होंने उसे बेटी मानने से इनकार करना शुरू कर दिया और देखभाल भी नहीं करते थे।

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