कोवैक्सिन को लेकर भारत बायोटेक ने किया ये दावा

कोरोना महामारी की दूसरी लहर  में वायरस के नए वैरिएंट्स चिंता का विषय बने हुए हैं. इस बीच स्वदेशी वैक्सीन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने कहा है कि उसका टीका कोवैक्सीन  वायरस के यूके स्ट्रेन और भारत में पाए गए खतरनाक वैरिएंट के खिलाफ कारगर साबित हुई है. भारत बायोटेक  ने रविवार को एक बयान में कहा कि कोवैक्सीन ऐसी एंटीबॉडी पैदा करती है, जो कोरोना वायरस के सभी मौजूदा वैरिएंट का मुकाबला करने में सक्षम है.कंपनी ने कहा है कि उसकी वैक्सीन भारत में कोरोना के बेहद संक्रामक स्ट्रेन B.1.167 के खिलाफ प्रभावी है. ब्रिटेन में कोरोना के खतरनाक स्ट्रेन (स्वरूप) B.1.1.7 को भी निष्क्रिय करने में यह सफल साबित हुई है.

इन दावों से जुड़ा भारत के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च का शोध पत्र जर्नल क्लीनिकल इनफेक्शियस डिसीसेज में प्रकाशित हुआ है.भारत बायोटेक ने कहा, शोध के मुताबिक, कोवैक्सीन वायरस के सभी मौजूदा वैरिएंट के खिलाफ पर्याप्त एंटीबॉडी पैदा करती है.

भारत में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कहर ढा रहे B.1.617 वैरिएंट के खिलाफ भी यह पर्याप्त एंटीबॉडी पैदा करने में कामयाब रहा है.भारत बायोटेक के सह संस्थापक और संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा इल्ला ने कहा कि कोवैक्सीन को वैज्ञानिक शोध डेटा के आधार पर फिर एक बार अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है. यह साबित करता है कि वैक्सीन सभी प्रकार के कोरोना वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी हैं. यह हमारी विश्वसनीयता को और बढ़ाता है.

उन्होंने मेडिकल जर्नल में प्रकाशित शोध को भी ट्वीट किया है. हालांकि उनके ट्वीट के बाद कोवैक्सीन की उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर सवाल उठने लगे. कोवैक्सीन को ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका द्वारा संयुक्त तौर पर तैयार कोविशील्ड वैक्सीन के साथ आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी.

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