
22 अक्टूबर को रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेट जो बाइडेन के बीच 3 नवंबर को इलेक्शन डे से पहले फाइनल और अंतिम बहस हुई। टेनेसी के नैशविले में हुई इस बहस में ट्रंप और बाइडेन फिर से कई अहम मुद्दों पर जमकर एक-दूसरे पर बरसे। ट्रंप ने इस बहस में कहा कि अगले कुछ हफ्तों में देश में कोविड-19 की वैक्सीन लॉन्च कर दी जाएगी। ट्रंप इससे पहले अमेरिकी नागरिकों से वादा कर चुके थे कि चुनावों से पहले वह अमेरिकियों को कोरोना की वैक्सीन दिलाएंगे।
जो बाइडेन अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी देश में कोरोना महामारी के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे हैं. प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प के पास सर्दियों में कोरोना से निपटने का कोई प्लान नहीं है. किसी भी देश की तुलना में अमेरिका में इस वायरस से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं. बाइडेन ने कहा, ‘2,20,000 अमेरिकी नागरिक मारे गए हैं. जो भी इन मौतों का जिम्मेदार है, उसे देश के राष्ट्रपति पद पर नहीं रहना चाहिए.’
बाइडेन ने इस दौरान अमेरिका के चुनाव में अन्य देशों के दखल पर चेतावनी देते हुए कहा, ‘मैं साफ कहूंगा कि कोई भी देश, चाहें जो भी हो, अगर वो अमेरिका के चुनाव में दखल देगा तो उस देश को कीमत चुकानी होगी. उसे भारी कीमत चुकानी होगी.’ फाइनल प्रेसिडेंशियल डिबेट से एक दिन पहले अमेरिकी प्रशासन ने चेताया कि 3 नवंबर को होने वाले चुनाव से पहले रूस और ईरान जनता के विचारों को प्रभावित कर सकते हैं.
इससे पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि वह देश में आशावाद और अवसर प्रदान करेंगे, जबकि उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन निराशावाद, गरीबी और पतन लेकर आएंगे. राष्ट्रपति चुनाव को अब करीब 10 दिन का समय रह गया है. तीन नवंबर को वोटिंग होगी. ट्रम्प ने इस चुनाव को बाइडेन के 47 साल के काम बनाम अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में अपने 47 महीनों के काम के रूप में वर्णित किया. उन्होंने कहा, ‘पिछले 47 वर्षों से जो बाइडेन आपकी नौकरी को बाहर भेज रहे हैं, आपकी सीमाओं को खोल रहे हैं.’