
कोरोना महामारी को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से एक चिंता बढ़ाने वाला बयान सामने आया है. WHO का कहना है कि कोरोना वैक्सीन भारत में मिले डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कम असरदार पाई गई है. हालांकि, WHO ने स्पष्ट किया है कि वैक्सीन मौत और गंभीर बीमारी के खतरे से बचाने में कारगर है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के महामारी विशेषज्ञ का कहना है कि कई म्यूटेशन होने की वजह से वैक्सीन का कोरोना वायरस के खिलाफ असर कम हो सकता है.
डेल्टा प्लस वेरिएंट डेल्टा या B.1.617.2 वेरिएंट में हुए म्यूटेशन की वजह से तैयार हुआ है. भारत में कोरोना की दूसरी लहर लाने के लिए इस वेरिएंट को जिम्मेदार माना गया है. इसके अलावा, ब्रिटेन समेत कई मुल्कों में भी इस वेरिएंट की वजह से तेजी से संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई है. तेजी से फैलने वाले इस वेरिएंट को WHO ने चिंता वाले चौथे वेरिएंट के रूप में लिस्ट किया है. इस वेरिएंट की वजह से ब्रिटेन में दैनिक कोरोना मामलों की संख्या बढ़कर 10 हजार के पार पहुंच गई है.
डेल्टा वेरिएंट की वजह से ब्रिटेन में लॉकडाउन हटाने की तारीख बढ़ी:-ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सोमवार को चेतावनी दी कि इस बार की सर्दियां कठिन नजर आ रही हैं, भले ही 19 जुलाई के लिए चीजें अच्छी क्यों न नजर आ रही हों. 19 जुलाई को तथाकथित टर्मिनस पॉइंट माना जा रहा है, जिस दिन देश में लागू लॉकडाउन के हर तरह के प्रतिबंधों से निजात मिल जाएगी. उनकी ये चेतावनी ऐसे समय पर आई है, जब रविवार को ही ब्रिटेन में 9,284 कोरोना मामले रिपोर्ट किए गए. डेल्टा वेरिएंट की वजह से सरकार को लॉकडाउन को हटाने में एक महीने की देरी करनी पड़ी है.
रूस-पुर्तगाल में भी डेल्टा वेरिएंट की वजह से बढ़े मामले:-रूसी अधिकारियों ने भी देश में लगातार कोरोना के मामलों में हो रही बढ़ोतरी के लिए डेल्टा वेरिएंट को जिम्मेदार बताया है. लगातार चौथे दिन 17,000 से अधिक मामले रिपोर्ट किए गए हैं. साथ ही अधिकारियों ने इस बात को भी स्वीकार किया है कि लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रोत्साहित करने वाले अभियान का फायदा होता नजर नहीं आ रहा है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को चेतावनी दी कि रूस के कुछ क्षेत्र में कोरोनावायरस से हालात बिगड़ रहे हैं.
इसके अलावा, पुर्तगाल के अधिकारियों ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि राजधानी लिस्बन के क्षेत्र में डेल्टा वेरिएंट की वजह से संक्रमण में इजाफा देखने को मिला है. पुर्तगाल के नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट ने कहा कि देश की राजधानी में सामने आए 60 फीसदी मामलों में डेल्टा वेरिएंट का हाथ है.