कोरोना के भारतीय वेरिएंट पर असरदार है कोवैक्सीन और कोविशील्ड, स्टडी में हुआ खुलासा

कोविशील्ड और कोवैक्सीन, ये दो वैक्सीन देश में टीकाकरण कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं. इन दोनों को लेकर किए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना वायरस के भारतीय स्वरूप के खिलाफ ये दोनों वैक्सीन प्रभावी हैं और टीकाकरण के बाद अगर व्यक्ति पॉजिटिव होता है, उसमें संक्रमण के बेहद हल्के लक्षण सामने आते हैं.
वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद  के अंतर्गत आने वाले जीनोमिक्स और एकीकृत जीवविज्ञान संस्थान के निदेशक अनुराग अग्रवाल ने एक अध्ययन के प्रारंभिक परिणामों के हवाले से कहा कि सार्स-कोव-2 के बी.1.617 स्वरूप पर टीकों के प्रभाव के आकलन से पता चलता है कि टीकाकरण के बाद संक्रमण होने पर बीमारी के लक्षण हल्के होते हैं.कोरोनावायरस के बी.1.617 स्वरूप को भारतीय स्वरूप या ‘दोहरे उत्परिवर्तन वाला स्वरूप’ भी कहा जाता है. अध्ययन में वायरस के इस स्वरूप पर भारत में इस्तेमाल किए जा रहे दोनों टीकों के प्रभावी होने की बात सामने आई है.

बताते चलें कि देशभर में कोरोना रोधी टीके की 14.77 करोड़ से अधिक खुराक लगाई जा चुकी हैं, जिनमें से 24 लाख से अधिक खुराक मंगलवार को लगाई गईं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार रात आठ बजे तक की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में टीके की 14,77,27,054 खुराक दी जा चुकी हैं, जिनमें से मंगलवार को टीकाकरण के 102वें दिन 24,55,869 खुराक दी गईं. मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार को 15,01,002 लाभार्थियों को पहली और 9,54,867 लाभार्थियों को दूसरी खुराक दी गईं.

वहीं दूसरी ओर दुनियाभर के देशों ने कोरोना की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित भारत को ऑक्सीजन संकेंद्रक, वेंटिलेटर और जीवन रक्षक दवाओं समेत अत्यावश्यक चिकित्सकीय सामग्री मुहैया कराने के प्रयास मंगलवार को तेज कर दिए. इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि संकट से निपटने के लिए कई देशों ने भारत की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है और सरकार ने देश के विभिन्न हिस्सों में संस्थाओं को चिकित्सा आपूर्ति के तत्काल वितरण की प्रक्रिया के समन्वय के लिए एक उच्च स्तरीय अंतरमंत्रालयी समूह का गठन किया है.

फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, बेल्जियम, रोमानिया, लक्समबर्ग, पुर्तगाल और स्वीडन समेत कई देशों ने भारत को मदद देने की घोषणा की है.

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