
केंद्र सरकार ने कोविन प्लेटफॉर्म पर सर्च करने की शर्तें तय की हैं. अगर कोई कोविन प्लेटफॉर्म पर 15-15 मिनट के अंतराल पर 50 बार लॉगिन करता है और 1000 बार सर्च करता है तो उसका अकाउंट 24 घन्टे के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा.टीकाकरण की नई गाइडलाइन के तहत कोविन प्लेटफॉर्म पर भी कुछ बदलाव किए जाएंगे. साथ ही इस बात का भी जिक्र होगा कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में कोविड वैक्सीनशन सेंटर की भी जानकारी होगी.
राज्यों को सलाह है कि हेल्थकेयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स की सेकंड डोज पर प्राथमिकता दें.कुछ राज्य, हेल्थकेयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स की सेकंड डोज को लेकर राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे हैं. हेल्थकेयर वर्कर्स को सेकंड डोज के मामले में पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा, तमिलनाडु, दिल्ली और असम समेत 18 राज्य हैं जबकि फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका देने के मामले में राष्ट्रीय औसत से नीचे वाले राज्य बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, तेलंगाना, कर्नाटक और पंजाब समेत 19 राज्य हैं.
गौरतलब है कि अगर आपने कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन लगवाई है तो आपको इसका सर्टिफिकेट मिला होगा. लेकिन अगर आपके सर्टिफिकेट में कुछ विशेष जानकारियां गलत चली गई हैं, तो आप उसे ऑनलाइन ठीक करवा सकते हैं. कोविड-19 वैक्सीनेशन ड्राइव का मैनेजमेंट देख रहे CoWIN पोर्टल पर इसके लिए एक नया फीचर ‘Raise an issue’ जोड़ा गया है. इस वेबसाइट पर सरकार ने एक नए अपडेट की घोषणा की है जो वैक्सीन लाभार्थी को वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में छपे नाम, जन्मतिथि और लिंग में अनजाने में हुई गलती को सुधारने की सुविधा देगा. हालांकि आप अपना सर्टिफिकेट बस एक बार ही अपडेट करवा पाएंगे.