महीने के 5000 रुपए कमाने वाले मजदूर को इनकम टैक्स का सवा करोड़ का नोटिस, जाने पूरा मामला

साहब…! मैं एक मजदूर हूं।​​​सरिए की एक दुकान पर काम कर महीनेभर में 5 हजार रुपया कमा पाता हूं। रुपए कम मिलते हैं, लेकिन रात काे आराम से सो जाया करता हूं। पिछले कुछ दिनाें से मैं रातभर सो नहीं पा रहा हूं। मुझे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सवा करोड़ रुपए की डिमांड का नोटिस भेजा है। कहते हैं, आपके खाते में लाखों-करोड़ों का ट्रांजैक्शन हुआ है।

नोटिस मिलने के बाद से घबराहट हाे रही है, बस यही ख्याल रह-रहकर आ रहा है कि आखिर मुझे क्यों नोटिस भेजा गया है। हैरान-परेशान मैं इसके बारे में पता करने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पहुंचा और अधिकारियों से बात की। वहां, बताया गया कि मेरा एक अकाउंट तमिलनाडु के कुटलम शहर में भी है। इस बैंक अकाउंट से हर महीने लाखों का ट्रांजैक्शन हो रहा है। इसी कारण इतनी भारी रकम का नोटिस मुझे भेजा गया है।

यह हैरान करने वाली स्टोरी नितिन जैन की है, जिनकी पिछले 5 दिनों से नींद उड़ी हुई है। अब वे काम छोड़कर इनकम टैक्स कार्यालय से लेकर सीए और थाने के चक्कर लगा रहे हैं। इनकम टैक्स का इस प्रकार का नोटिस सिर्फ नितिन को ही नहीं मिला है। बैतूल जिले में ऐसे 44 गरीब परिवार हैं, जिनका आयकर विभाग की ओर से नोटिस मिलने के बाद ब्लड प्रेशर बढ़ गया है। इन्हें तय तारीख तक डिमांड में भेजी गई राशि को जमा करना है।

विभाग द्वारा इन लोगों को एक करोड़ से लेकर 10 करोड़ के डिमांड नोटिस सीधे डाक से भेजे गए हैं। अभी तक इनकम टैक्स विभाग ई-मेल के जरिए पेन कार्ड धारकों को उनकी आय और उनके खातों से हुए लेन-देन, अघोषित संपत्ति को लेकर होने वाली शिकायतों पर डिमांड नोटिस भेजता रहा है।

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में जिन 44 लोगों को डिमांड नोटिस भेजे गए हैं, उनमें दो नाम ऐसे हैं, जिनकी मासिक आय 5 हजार रुपए से कम है। रसोईया का काम करने वाली एक महिला के पति को भी डिमांड नोटिस मिला है। महिला ने अपना नाम और पहचान बताने से इनकार करते हुए नोटिस देने की बात स्वीकार की है।

जिला मुख्यालय के विनोबा नगर में रहने वाले नितिन को सवा करोड़ का इनकम टैक्स विभाग का डिमांड नोटिस मिला है, जिसमें डिमांड की गई राशि को जमा करने को कहा गया है। नितिन ने बताया कि मैं बहुत ही साधारण परिवार से हूं। हमारा संयुक्त परिवार है, जिसमें बूढ़ी मां, भाई और भाभी के साथ ही मेरी पत्नी रिंकी, आठ वर्षीय बेटा और चार साल की बेटी है। परिवार का खर्च चलाने के लिए मैं बैतूल के गंज इलाके में शिव शक्ति स्टील नामक लोहा-सरिया की दुकान पर हिसाब-किताब का काम देखता हूं। यहां से मुझे 5 हजार महीना पगार मिलती है। बड़े भैय्या गुड्डू जैन पोस्ट ऑफिस में एजेंट हैं। हमारा 600 स्क्वायर फीट का घर है, जिसे हमने लोन लेकर बनवाया है।

चार दिन पहले मेरे नाम से आयकर विभाग से एक नोटिस आया। जब नोटिस घर पर पहुंचा, तब मैं दुकान पर था। वे लोग दुकान पर आए और मुझे नोटिस थमाया। मैंने खोलकर देखा तो उसमें एक करोड़ 25 लाख रुपए का टैक्स बकाया होने का पता चला। एक करोड़ 25 लाख रुपए का नोटिस किसी 5 हजार रुपए कमाने वाले को मिल जाए तो उसकी हालत कैसी होगी, यह सोचकर भी घबराहट होने लगती है।

मैं आयकर दफ्तर पहुंचा। वहां पता चला कि तमिलनाडु में कोई मेरे नाम से खाता संचालित कर रहा है। नितिन का कहना है कि न तो उसके नाम से कोई संपत्ति की खरीद-फरोख्त हुई और न ही उसके अकाउंट से कोई बड़ा लेन-देन हुआ है। बिना कुछ किए धरे, यह बला मेरे सिर आ गई है और अब मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है, क्या करूं।

मैंने अपने पूरे जीवन में इकट्ठे एक लाख रुपए नहीं देखे तो सवा करोड़ रुपए कहां से दूंगा ….? इनकम टैक्स ने जो नोटिस दिया है, वह फाइनल असेस्मेंट का नोटिस है। उक्त नोटिस देखकर पूरे परिवार के हाथ पैर फूल गए हैं।

अब जानते हैं नोटिस मिलने का राज

नितिन जैन ने नोटिस मिलने के बाद खुद पड़ताल की। उन्हें पता चला कि उनके नाम से तमिलनाडु में एक बैंक खाता संचालित किया जा रहा है, जिसमें लाखों-करोड़ों का लेन-देने हुआ है। इस लेन-देन की वजह से ही नोटिस मिला है। इसकी जानकारी मिलने के बाद नितिन ने अपने साथ हुए फ्रॉड को लेकर गंज थाने में एक लिखित शिकायत दी है।

शिकायत में उसने बताया है कि नोटिस मिलने के बाद जब उसने वित्तीय कर सलाहकार कार्यालय जाकर फॉर्म 26 (एएस) निकला तो उसमें सामने आया कि तमिलनाडु के कुटलम में सिटी यूनियन बैंक लिमिटेड में उसके नाम का खाता संचालित हो रहा है। खाते से बड़ी मात्रा में लेनदेन हो रहा है, जिसके एवज में उस पर 1,25,84, 800 राशि का टैक्स निकाला गया है। उसका कहना है कि वह कभी कूटलम गया ही नहीं तो खाता कैसे खुलवाएगा। उसने थाना प्रभारी से कार्रवाई की मांग की है।

हम करेंगे डिमांड की वसूली

इनकम टैक्स विभाग ने बैतूल में ऐसे 44 व्यक्तियों की सूची बनाई है, जिन पर एक करोड़ से 10 करोड़ रुपए की डिमांड है। बैतूल के इनकम टैक्स ऑफिसर देवेंद्र गर्ग बताते हैं कि इनकम टैक्स विभाग में टैक्स का एसेसमेंट होता है, जिसके बाद नोटिस दिए जाते हैं। व्यक्ति को बताया जाता है कि विभाग में आपका केस खुला हुआ है। अगर व्यक्ति को नोटिस नहीं मिलता है तो विभाग अपना सेंडर भेजकर उन्हें डिमांड नोटिस तामील करवाता है। अगर व्यक्ति नोटिस का जवाब नहीं देता है तो विभाग उसकी वसूली के लिए आगे की प्रक्रिया अपनाता है।

बैतूल में ऐसे 44 नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें कुछ एक केस ऐसे हैं, जिनमें व्यक्तियों की इतनी क्षमता नहीं है, हो सकता है इनमें उनके बैंक खातों का किसी ने दुरुपयोग किया हो। कई बार देखने में आता है कि मालिक नौकर के बैंक खातों का इस्तेमाल कर लेते हैं। बैतूल में जारी किए गए नोटिस का जवाब 15 दिन में देना है। इसके लिए व्यक्ति को अपील में जाना पड़ेगा। जहां वह अपना पक्ष रख सकता है। उसके बाद अगर विभाग संतुष्ट हुआ तो उसकी डिमांड खत्म कर दी जाएगी या फिर संतुष्टि नहीं मिलने पर वसूली की कार्रवाई की जाएगी। अपील के भी कई चरण होते हैं, जिनमें सबसे पहले भेजे गए नोटिस पर व्यक्ति कमिश्नर इनकम टैक्स में अपील कर सकता है। वहां पर संतुष्टिप्रद आदेश नहीं मिलने पर वह अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता है, उसके बाद हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक अपील की जा सकती है।

इनकम टैक्स विभाग को भेजेंगे पत्र

टीआई एबी मास्कोले ने बताया कि इस मामले में आवेदन मिला है। आवेदक को इनकम टैक्स विभाग का नोटिस मिला है। उसने शिकायत की है कि उसका बैंक खाता कोल्लम तमिलनाडु में खोला गया है, जिसमें लेन-देन भी हो रहा है, जबकि उसने कोई दस्तावेज वहां नहीं तो दिए और ना ही कोई खाता खुलवाया है। बैतूल गंज पुलिस जांच कर रही है। इसके लिए साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को इस मामले को लेकर पत्र लिखा जाएगा। इस बात की जांच की जाएगी कि कुलम तमिलनाडु में बगैर दस्तावेज के खाता कैसे खोला गया है।

किस कारण से मिलता है नोटिस

यह नोटिस टैक्स चोरी के मामले में दिया जाता है। यह नोटिस कम से कम तीन बार भेजा जाता है, इसके बाद भी यदि संबंधित व्यक्ति उपस्थित नहीं हुआ, तब उसे एकतरफा नोटिस भेजा जाता है। इस तरह के नोटिस को लेकर कर सलाहकार विमल सुराना कहते हैं कि जब संबंधित व्यक्ति के अकाउंट से भारी लेनदेन होता है, तब बैंक के माध्यम से सूचना मिलने पर इनकम टैक्स विभाग से इस प्रकार का नोटिस आता है। या संबंधित ने कोई बड़ी प्रॉपर्टी बेची होगी, जिसकी संपत्ति पंजीयन में तीस लाख से अधिक कीमत होगी। तब संपत्ति पंजीयन विभाग की सूचना पर इस तरह की कार्रवाई होती है।

नितिन को जो नोटिस दिया गया है, उसके अनुसार 2015 में टैक्स चोरी हुई है, जिसमें अब इनकम टैक्स विभाग ने वसूली के लिए बैतूल के इनकम टैक्स विभाग को सूचना दी है। इसी सूचना के आधार पर उसे वसूली का नोटिस दिया गया है। इस स्थिति में उसके पास विकल्प यह है कि वह कोई इनकम टैक्स से संबंधित वकील या सीए की सलाह ले और इनकम टैक्स के भोपाल ऑफिस में अपील करे। अपील सुनवाई के बाद पेशियां लगेगी और फिर इसे लेकर कोई निर्णय होगा। संबंधित व्यक्ति को ऐसे मामले में सबसे पहले जिले में मौजूद इनकम टैक्स ऑफिस पहुंचकर पूरे मामले की डिटेल लेना चाहिए और फिर जो वास्तविक है, उसके साक्ष्य प्रमाण के साथ अपील करना चाहिए। यह सब करने में भी 10 से 20 हजार रुपए का खर्च आता है।

गेमिंग ऐप से सबसे बड़ा खतरा

व्यक्तिगत दस्तावेजों के दुरुपयोग को लेकर साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल गेमिंग एप वाले लोग कर रहे हैं। लोन ऐप से भी दस्तावेजों की चोरी की जा रही है। बैतूल एडिशनल एसपी नीरज सोनी बताते हैं कि ऐसा केस सामने आया। युवक का कहना है कि वह कभी तमिलनाडु नहीं गया, यह जांच का विषय है कि उसके दस्तावेज वहां कैसे पहुंचे और उसका उपयोग कैसे किया गया। लोन ऐप डाउनलोड करने पर डॉक्यूमेंट शेयर होते हैं, इसलिए ऐसे ऐप को डाउनलोड नहीं करना ही बेहतर है। ऐसे ऐप का एक्सिस भी ना किया जाए। ऐसे ऐप व्यक्तियों के आधार और पैन कार्ड अपलोड करवाते हैं। कई बार वे इन दस्तावेजों से फोटो क्रॉप कर उनका वीडियो बनाकर अड़ीबाजी जैसी घटनाओं को भी अंजाम देते हैं। ऐसे लोग व्यक्ति के कॉन्ट्रैक्ट का इस्तेमाल कर उन्हें पोर्न वीडियो बनाकर भेज देते हैं और फिर लोगों के साथ धमकी और अड़ीबाजी की जाती है।

उन्होंने कहा कि अगर व्यक्ति को कोई लोन लेना है तो वे निजी बैंकों और ऐसे संस्थानों से लोन लें, जो वास्तव में समाज में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अकसर मोबाइल नंबर के लिए सिम कार्ड जारी करते समय भी डॉक्यूमेंट मांगे जाते हैं। इसका भी दुरुपयोग हो सकता है। व्यक्ति को इसके लिए भी सतर्क रहने की जरूरत है। कई बार बाहरी राज्यों में काम करने के दौरान ठेकेदार मजदूर को पीएफ देने के नाम पर भी मजदूरों से दस्तावेज लेकर खाते खुलवा लेते हैं। यहां भी देखा जाना चाहिए कि उनके दस्तावेजों का कहीं कोई दुरुपयोग तो नहीं हो रहा है। सबसे अधिक व्यक्ति को ऑनलाइन ऐप से सावधान रहने की जरूरत है। यही नहीं किसी ऐसे मैसेज या लिंक पर भी क्लिक ना करें, जो अनजान हों। कई बार व्यक्तियों को फ्रॉड कॉल भी किए जाते हैं, जिसमें उन्हें डराया जाता है कि उनके घर की बिजली बंद कर दी जाएगी या फिर बैंक अकाउंट सीज कर दिया जाएगा। इसलिए वह भेजी गई लिंक पर क्लिक न करें। ऐसी स्थिति में व्यक्ति पहले बिजली दफ्तर या बैंक से इस बात की तस्दीक कर ले कि उनके साथ ऐसा कुछ तो नहीं हुआ है। पुष्टि करने के बाद ही आगे की कोई कार्रवाई करें ना कि अनजान मैसेज पर क्लिक करें।

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