कोरोना वैक्सीन पर आज हो सकता है बड़ा ऐलान, DCGI ने बुलाई सुबह 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस

नए साल की शुरुआत से ही कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर भारत में अच्छी पहल हो रही है। पहले दो स्वदेशी वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ और ‘कोवैक्सीन को एक्सपर्ट कमेटी द्वारा इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए ग्रीन सिग्नल मिलना, उसके बाद कोविड-19 वैक्सीन का ड्राई रन होना। इसी बीच आज रविवार को कोरोना वैक्सीन को लेकर देश में बड़ा ऐलान हो सकता है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने आज सुबह 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। उम्मीद लगाई जा रही है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार वैक्सीन को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती है।

पूर्वाभ्यास में एक लाख ज्यादा वैक्सीनेटर प्रशिक्षित हुए
वहीं, शनिवार को कोरोना वैक्सीन के पूर्वाभ्यास को लेकर केंद्र सरकार की ओर से जानकारी दी गई है। सरकार ने बताया कि इसके तहत देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 125 जिलों में के 286 स्थलों पर सत्र आयोजित किए गए। प्रशासन ने इस मॉक ड्रिल के तहत करीब 1,14,100 वैक्सीनेटरों को प्रशिक्षित किया। वहीं अब तक 75 लाख से अधिक लाभार्थियों को को-विन सॉफ्टवेयर के माध्यम से पंजीकृत किया गया है।

उपलब्धि : भारत कोरोना के नए रूप को आइसोलेट किया
भारत ने ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए रूप सॉर्स-कोव-2 का ‘कल्चर’ टेस्ट कर लिया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी आईसीएमआर ने दावा किया है कि उसने ब्रिटेन से आए कोरोना के इस नए स्ट्रेन (नया रूप) को सफलतापूर्वक ‘कल्चर’ टेस्ट कर ‘आइसोलेट’ कर लिया है। इससे कोरोना के इस नए स्ट्रेन के इलाज में आसानी होगी। आईसीएमआर ने कहा कि भारत ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश है।

आईसीएमआर ने शनिवार को कहा कि जिस दिन से कोविड-19 महामारी सामने आई थी, उसी दिन से इसके ‘कल्चर’ का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे थे। हाल ही में ब्रिटेन से भारत लौटे लोगों के सैंपल का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी में ‘कल्चर’ टेस्ट किया गया। इसमें वायरस के नए स्ट्रेन को आइसोलेट यानी अलग करने में कामयाबी मिली है। अब तक किसी अन्य देश को नए स्ट्रेन को विभक्त करने में कामयाबी नहीं मिली है।

 

स्वदेशी ‘कोवाक्सिन’ को मंजूरी देने की सिफारिश
इससे पहले कोविशील्ड के बाद देश को पहला स्वदेशी टीका कोवाक्सिन भी शनिवार को मिल गया। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की कोविड-19 पर बनी विशेषज्ञों की समिति ने शनिवार को भारत बायोटेक द्वारा विकसित इस टीके को भी आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, कोरोना का टीका पहले चरण में तीन करोड़ लोगों को मुफ्त मिलेगा। इनमें एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मी और दो करोड़ अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी होंगे।

प्राथमिकता के आधार पर बाकी के 27 करोड़ लोगों को जुलाई तक किस तरह से टीका लगाया जाएगा, इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इन लाभार्थियों में 50 वर्ष से अधिक आयु के लोग और पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त इससे कम उम्र के लोग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, टीके को मंजूरी देेने से पहले हम किसी भी प्रोटोकॉल से समझौता नहीं करेंगे।

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