
इंदौर के GAIL (गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) के सीनियर मैनेजर का शव देवास में शिप्रा नदी में मिला है। SDRF ने शव पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजन को सौंप दिया है। SDRF सोमवार रात से शिप्रा में उनकी तलाश कर रही थी।
सीनियर मैनेजर विनोद शर्मा के परिजन ने बताया कि वे सोमवार दोपहर करीब 2 बजे कार से घर से निकले थे। देर रात तक नहीं लौटे तो उनकी तलाश की। उनकी कार शिप्रा नदी के पुल पर मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। कार में उनके पर्स से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें कंपनी के अफसर पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। परिजन ने पुल से नदी में छलांग लगाकर सुसाइड करने की आशंका जताई थी।

SDRF की टीम ने मंगलवार को दिनभर शिप्रा नदी में तलाश की। विनोद का शव बुधवार सुबह पुल से कुछ दूरी पर मिला ।
औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि मर्ग कायम कर सुसाइड नोट के आधार पर जांच की जाएगी। इसमें जिनके नाम है उनके बयान लिए जाएंगे।
दो दिन चली सर्चिंग, कपड़ों से हुई पहचान
SDRF के प्लाटून कमांडर रोहन ने बताया कि 16 अक्टूबर को रात 8 बजे हमें औद्योगिक थाना प्रभारी से सूचना मिली थी कि शिप्रा नदी में एक युवक डूब गया है। मैं अपनी टीम के साथ रवाना हुआ। मंगलवार को दिनभर सर्चिंग की, लेकिन शव नहीं मिला। बुधवार सुबह डेढ़ घंटे फिर प्रयास किया। शिप्रा पुल से कुछ ही दूरी पर शव मिला। शिप्रा थाना और देवास पुलिस की मदद से शव को बाहर निकाला गया। कपड़ों के आधार पर शव की पहचान विनोद शर्मा के रूप में हुई।

सोमवार को विनोद घर नहीं लौटे तो परिजन ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने शिप्रा में सर्चिंग शुरू की थी।
पर्स में मिले सुसाइड नोट में ये लिखा है…

विनोद ने सुसाइड नोट में कंपनी के डीजीएम मनीष प्रसाद को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। उनपर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
भाई ने बताया- 10 दिन से छुट्टी पर थे विनोद
विनोद के चेचेरे भाई अरविंद तिवारी ने बताया कि भाई ने बताया था, ‘डिप्टी जनरल मैनेजर मनीष प्रसाद उन्हें ठेकेदारों के बिल बगैर वेरिफाई किए आगे बढ़ाने का दबाव बना रहे थे। विनोद ने पहले वेरिफाई करने की बात कही थी। इसके बाद से ही उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया। विनोद बहुत सीनियर अधिकारी था। इसके बावजूद उसे बहुत छोटे – छोटे स्तर के काम बताए जा रहे थे। बड़े अधिकारी फोन पर भी अच्छे से बात नहीं करते थे। इन सभी बातों से विनोद काफी डिप्रेशन में चल रहा था।