
सतपुड़ा बिल्डिंग के अग्निकांड की जांच कर रही तीन आईएएस और एक आईपीएस की कमेटी का काम शुक्रवार को पूरा हो गया। अब लिखित रिपोर्ट तैयारी की जा रही है जो सोमवार को मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। इस बीच सामने आया है कि जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजनाओं (टीएडीपी) के असिस्टेंट कमिश्नर वीरेंद्र सिंह के जिस कमरे से एसी के स्विच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़कने बात की जा रही है, उस कमरे का एसी ही बंद था।
जबकि धुंआ उठने के बाद जब इसी कमरे का दरवाजा खोला गया था, तब वहां रखे सोफे में आग लगी हुई थी। इस तथ्य से सवाल खड़े हो रहे हैं कि ऐसी स्थिति में आगजनी कैसे हुई? टीएडीपी के स्टॉफ ने बयानों में यह बात जांच कमेटी से कही है। हालांकि पीडब्ल्यूडी का इलेक्ट्रिकल डिवीजन यह तर्क दे रहा है कि भले ही एसी का स्विच बंद रहा, लेकिन बिजली की सप्लाई बरकरार थी।
वायर ओवरलोड होने की वजह से जल गया। इसी वजह से स्विच भी पिघला। सोफा चूंकि उसके पास रखा था, इसलिए उसमें भी आग लग गई हो होगी। स्विच को फोरेंसिक जांच में लिए गया है। अब फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट और विशेषज्ञों से बनी कमेटी का प्रतिवेदन मिलने के बाद 19 जून को दोपहर 2 बजे रिपोर्ट शासन को दी जाएगी। नमूना फोरेंसिक जांच के बाद सीलबंद किया जाएगा।
टीएडीपी डायरेक्टर के कमरे में ज्यादा नुकसान
जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजनाओं की डायरेक्टर सोनिया मीणा के कमरे में रखी फाइलें जल गई हैं। उन्हें काफी नुकसान हुआ। कंप्यूटर आदि सुरक्षित पाए गए हैं। फायर ब्रिगेड से डाले गए पानी के कारण भी कई दस्तावेज खराब हुए हैं।
आग पर खड़े हो रहे 6 सवाल
- जिस टीएडीपी के दफ्तर से आग लगने की बात सामने आ रही है, वहां ही सबसे कम नुकसान क्यों?
- वीरेंद्र सिंह छुट्टी पर थे। उनका कक्ष भी बंद था। तब आग उनके ही कक्ष से कैसे लगी, क्योंकि तब टीएडीपी की डायरेक्टर सोनिया मीणा भी खुद के कक्ष में होने की बजाए वल्लभभवन में थीं?
- आग लगने और फायर ब्रिगेड के पहुंचने में एक घंटे का अंतर था? इसका जिम्मेदार कौन है?
- तीसरी मंजिल पर आग नहीं फैली, जबकि चार, पांच और छठवीं मंजिल की आग ने काफी नुकसान किया, ऐसा कैसे हुआ?
- सैंपल सिर्फ टीएडीपी डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह के कमरे से ही क्यों लिए गए?
- जिस दिन आगजनी हुई, उस दिन न ही टीएडीपी और न स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारी थे?