
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भारी बारिश शुक्रवार देर रात शुरू हुई और शनिवार सुबह भी जारी रही. दिल्ली में इस साल मानसून की बारिश ने 46 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. 2010 के बाद यह पहली बार है, जब राष्ट्रीय राजधानी में बारिश का स्तर 1000 मिलीमीटर को पार कर गया हो. भारी बारिश का आलम यह रहा कि इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर भी कई फीट तक पानी भर गया. एएनआई ने रनवे पर कई फीट पानी के बीच खड़े विमानों को की तस्वीरें साफ देखी जा सकती हैं. मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के लिए जारी किया है.दिल्ली एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सुबह करीब 7.45 बजे ये जलभराव हुआ था, जिसकी निकासी 30 मिनट में ही कर दी गई थी. एयरपोर्ट का ड्रैनेज सिस्टम बहुत अच्छा है. थोड़ी देर बाद ही पानी की निकासी कर दी गई थी.
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने ट्विटर पर बताया कि ‘अचानक भारी बारिश आने के कारण हवाईअड्डे के प्रांगण में थोड़े समय के लिए जलभराव हो गया.’ उसने कहा, ‘हमारी टीम ने फौरन समस्या पर गौर किया और इसे हल कर लिया गया है.’ नगर निकायों के अनुसार, मोती बाग और आरके पुरम के अलावा मधु विहार, हरी नगर, रोहतक रोड, बदरपुर, सोम विहार, आईपी स्टेशन के समीप रिंग रोड, विकास मार्ग, संगम विहार, महरौली-बदरपुर रोड, पुल प्रह्लादपुर अंडरपास, मुनीरका, राजपुर खुर्द, नांगलोई और किराड़ी समेत अन्य मार्गों पर भी जलभराव देखा गया.
लोगों ने सड़कों पर जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए. ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में मधु विहार में कथित तौर पर सड़कों में जलभराव दिखाया गया है जिसमें कुछ डीटीसी क्लस्टर बसों को पानी में खड़ा दिखाया गया और अन्य यात्री जलमग्न सड़कों से अपने वाहन को निकालते दिखे. ट्वीटर यूजर्स ने सदर बाजार इलाके, मिंटो ब्रिज के समीप, आईटीओ और नांगलोई पुल पर जलभराव की वीडियो भी पोस्ट की.
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने बताया कि सड़कों से पानी की निकासी के लिए कर्मी काम कर रहे हैं. पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी ने बताया, ‘शनिवार तड़के भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव हुआ. हम प्राथमिकता के आधार पर इस समस्या से निपट रहे हैं. हमारे कर्मचारी स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहे हैं.’
दिल्ली यातायात पुलिस ने भी लोगों को उन रास्तों की जानकारी देते हुए ट्वीट किए जहां उन्हें जलभराव का सामना करना पड़ सकता है. उसने सुबह करीब 11 बजे ट्वीट किया, ‘यातायात अलर्ट. जीजीआर/पीडीआर में जलभराव के कारण यातायात जाम है. कृपया इस मार्ग से बचें.’ एक अन्य ट्वीट में उसने कहा, ‘ट्रफिक अलर्ट. रिंग रोड पर डब्ल्यूएचओ के समीप जलभराव है. कृपया इस रास्ते पर यात्रा करने से बचें.’
IMD ने सुबह 8:30 बजे जारी बयान में कहा था, ‘दिल्ली-एनसीआर (बहादुरगढ़, गुरुग्राम, लोनी देहात, हिंडन एयरफोर्स स्टेशन, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, छपरौला) रोहतक, चरखी दादरी, मातनहैल, झज्जर, सोनिपत (हरियाणा) मोदिनगर, हापुड़, बागपत (उत्तर प्रदेश) में अगले दो घंटों के दौरान गरज के साथ भारी से अति भारी बारिश होगी.’ साथ ही विभाग ने नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद में भारी बारिश की संभावना जताई थी.
शनिवार सुबह भारी बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. सफदरजंग वेधशाला के अनुसार, न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सापेक्ष आर्द्रता सुबह साढ़े आठ बजे 100 प्रतिशत दर्ज की गयी.
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटों में शहर में 97 मिलीमीटर बारिश हुई. मौसम वैज्ञानिकों ने दिन में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ ही मध्यम बारिश और गरज के साथ छीटें पड़ने का अनुमान जताया है. शहर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना है. अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
दिल्ली में इस महीने की शुरुआत में लगातार दो दिन 100 मिलीमीटर से अधिक की बारिश दर्ज की गयी थी. एक सितंबर को 112.1 मिलीमीटर और दो सितंबर को 117.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी. अभी तक दिल्ली में इस महीने 248.9 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है जो सितंबर के लिए 129.8 मिलीमीटर की औसत बारिश से कहीं अधिक है.
दिल्ली में मानसून के 19 साल में सबसे देर से 13 जुलाई को दस्तक देने के बावजूद राजधानी में उस महीने 16 दिन बारिश दर्ज की गयी थी जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है. दिल्ली में बारिश के दिनों में 507.1 मिमी बारिश हुई जो औसत से तकरीबन 141 प्रतिशत अधिक है. जुलाई 2003 के बाद से यह इस महीने में हुई सबसे अधिक बारिश है