Donald Trump ने Tulsi Gabbard से मतभेद पर खुलकर कहा—Iran युद्ध और परमाणु मुद्दे पर अमेरिकी सरकार में फूट, समझौता संभव लेकिन हथियार किसी भी कीमत पर नहीं

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के मुद्दे पर उनकी सरकार के शीर्ष सहयोगियों के बीच मतभेद हैं. ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार की खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने के मामले में उनसे “थोड़ी नरम” हैं. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया

डोनाल्ड ट्रंप ने तुलसी गबार्ड से मतभेद पर खुल कर बोल दिया

कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम  को रोकने के लिए कोई समझौता जल्द हो सकता है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गैबार्ड पर भरोसा है, तो ट्रंप ने कहा, “हां, बिल्कुल.ने अपनी एयर फोर्स वन विमान में यह बात कही, जब वे फ्लोरिडा में अपने मार-ए-लागो वाले घर पर विकेंड बिताकर वॉशिंगटन लौट रहे थे. उन्होंने गबार्ड को लेकर कहा, “उनकी सोच मुझसे थोड़ी अलग है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई व्यक्ति सेवा करने के योग्य नहीं है. मैं इस बात पर बहुत सख्त हूं कि मैं नहीं चाहता कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो, क्योंकि अगर उनके पास परमाणु हथियार होगा तो वे उसे तुरंत इस्तेमाल करेंगे. मुझे लगता है कि इस मुद्दे पर वह शायद थोड़ी नरम हैं, लेकिन यह ठीक है.”

ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब था या नहीं

रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम की स्थिति को लेकर अलग-अलग और विरोधाभासी दावे किए हैं. युद्ध शुरू होने से पहले, सरकार के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने से सिर्फ कुछ हफ्ते दूर है. हालांकि कुछ अन्य लोगों, जिनमें खुद राष्ट्रपति भी शामिल हैं, ने कहा था कि पिछले साल गर्मियों में हुए एक और अमेरिका-इजरायल अभियान ने ईरान के हथियार कार्यक्रम को नष्ट कर दिया था.

जबकि ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है.

पूर्व डेमोक्रेटिक सांसद तुलसी गबार्ड ने इसी महीने की शुरुआत में सांसदों से कहा था कि अमेरिका की खुफिया एजेंसियों को “पूरा भरोसा” है कि उन्हें पता है कि ईरान अपना अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम का भंडार कहां रखता है. उस समय उन्होंने सार्वजनिक बैठक में यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या अमेरिका के पास उसे नष्ट करने के साधन हैं या नहीं. तुलसी गैबार्ड के करीबी माने जाने वाले एक अधिकारी जो केंट, जो नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के प्रमुख थे, ने इसी महीने युद्ध को. उन्होंने कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई तुरंत खतरा नहीं है.

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