
चीन में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत भी सतर्क हो गया है।भारत सरकार की ओर से फैसला लिया गया है कि हर हफ्ते स्वास्थ्य मंत्रालय में कोविड हालातों को लेकर समीक्षा बैठक होगी. स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया की विशेषज्ञों के साथ कोविड की ताजा स्थिति की समीक्षा को लेकर बुधवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. इस बैठक के बाद नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि पैनिक की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ में लोगों को मास्क लगाने की सलाह दी जाती है. टेस्टिंग पर्याप्त मात्रा में हो रही है. उन्होंने आगे कहा कि बीच में स्वास्थ्य मंत्रालय निर्णय लेगा कि क्या और कदम उठाए जाने हैं.
बैठक में मौजूद रहे वीके पॉल ने मीटिंग खत्म होने के बाद कहा कि हेल्थ मिनिस्टर की तरफ से ली गई मीटिंग में कहा गया है कि कोरोना अभी ख़त्म नहीं हुआ है, लेकिन अभी कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है. चीन में कोरोना के मामले बढे हैं, पर कोरोना को लेकर हम सतर्क हैं. उन्होंने बताया कि बैठक में चीन के नए कोरोना वैरिएंट पर भी बात हुई है. देश में 18 साल के ऊपर प्रिकॉशन डॉज सबको लगना चाहिए. सभी के लिए कोरोना वैक्सीन की प्रिकॉशन डॉज लेना अनिवार्य है.
उनकी तरफ से लोगों के लिए सलाह जारी की गई कि खांसी-जुकाम होने पर जरूर टेस्टिंग करवाएं. साथ ही जहां जरूरत लगे टेस्टिंग करवाइए. प्रिकॉशन डोज अब तक करीब 27% लोगों ने ही लिया है, फिलहाल जो बचे हैं वह ये डॉज ले लें. कोई नई गाइडलाइन फिलहाल जारी नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि सर्विलांस सिस्टम को और इंटेंसिफाई किया जाएगा. इसके तहत भारत के तमाम अस्पतालों में जो सीरियस निमोनिया के केस आते हैं, उनको ट्रैक किया जाएगा.
उन्होंने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि भीड़भाड़ में मास्क लगाना है और सोशल डिस्टेन्सिंग की एडवाइजरी का ख्याल रखना है. सीनियर सिटीजन को खास ख्याल रखना है. बुजुर्ग मास्क का सबसे ज्यादा ख्याल रखें. मास्क अनिवार्य है. अगर जरूरत होगी तो गाइडलाइंस को को इम्प्रूव किया है. फिलहाल कोरोना को लेकर जो मौजूदा गाइडलाइंस हैं, उसमें कोई चेंज नहीं किया गया है.
उनकी तरफ से आगे कहा गया कि हम अपील कर रहे हैं, जिन्होंने कोरोना की Precaution Dose नहीं लगवाई है, वह इसे लगवा लें.