द्वारका सड़क हादसा: रील के जुनून में बिना लाइसेंस नाबालिग की स्टंटबाज़ स्कॉर्पियो ने 23 साल के साहिल की जान ली, इकलौते बेटे को खोकर टूटी सिंगल मदर बोलीं– यह हादसा नहीं क्रिमिनल एक्ट, FIR में उम्र बदलने और रसूख पर उठे सवाल

दिल्ली का द्वारका इलाका एक भयानक सड़क हादसे का गवाह बना, जिसमें 23 साल साहिल धनेशरा की मौत हो गई. आरोप है कि एक नाबालिग ड्राइवर अपनी बहन के साथ सड़क पर ‘स्पीड फन रील’ बना रहा था, तभी उसकी तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने साहिल की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी.

सिंगल मदर की न्याय के लिए गुहार

साहिल की मां इन्ना माकन ने नम आंखों से बताया कि साहिल उनका इकलौता सहारा था. एक सिंगल मदर के तौर पर उन्होंने उसे बड़े अरमानों से पालकर काबिल बनाया था.

3 फरवरी को साहिल अपने ऑफिस जा रहा था. तभी दूसरी लेन से आ रही स्कॉर्पियो (UP57BM3057) ने स्टंट करते हुए उसे अपनी चपेट में ले लिया.

इन्ना माकन का आरोप है कि स्कॉर्पियो ड्राइवर अपनी बहन के साथ रील बना रहा था और गाड़ी की रफ्तार रील में साफ देखी जा सकती है. टक्कर के बाद ड्राइवर ने ब्रेक तक नहीं लगाए. इस हादसे में एक कैब ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हुआ है.

इन्ना माकन का कहना है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक ‘क्रिमिनल एक्टिविटी’ है. ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं था. सार्वजनिक सड़क पर स्टंट और रील बनाना जानबूझकर दूसरों की जान खतरे में डालना है.

आरोपी पक्ष के रसूखदार होने की चर्चाओं के बीच मां ने दिल्ली पुलिस और प्रशासन से सख्त सजा की मांग की है.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी की उम्र 17 साल है. हालांकि, शुरू में दिल्ली पुलिस उस पर बालिग की तरह केस चलाना चाहती थी और इसलिए FIR में उसकी उम्र 19 साल लिखी गई थी.

आरोपी के वकील से और डॉक्यूमेंट्स मिले, जिनसे पता चला कि वह नाबालिग है. आरोपी के पिता को हिरासत में लिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया. हालांकि, दिल्ली पुलिस MV ACT के तहत चार्जशीट में पिता का नाम दर्ज करेगी.

एक्सीडेंट के पीड़ित की ऑटोप्सी रिपोर्ट के मुताबिक, मौत का कारण हेमोरेजिक शॉक बताया गया है, जो क्रेनियो-सेरेब्रल चोट और दाहिने ऊपरी अंग के साथ-साथ जरूरी अंगों में चोट लगने की वजह से हुआ. चोटों का नेचर रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट के असर जैसा है.

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