
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों के ठिकानों से 23 करोड़ रुपए की नकदी भी बरामद की है। ईडी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। इसके अलावा चेतन सिंह गौर के नाम से 6 करोड़ रुपए की एफडी और सौरभ शर्मा के परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर बैंकों में जमा 4 करोड़ रुपए से अधिक मिले हैं।
ईडी के मुताबिक यहां से 50 लाख रुपए से अधिक की अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं। खास बात है कि सोमवार को ईडी ने अपने प्रेस नोट में नकदी का जिक्र नहीं किया था। बल्कि 23 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति सौरभ के परिजनों और कई कंपनियों के नाम पर होने की बात कही थी। इस तरह देखें तो लोकायुक्त पुलिस, आयकर और ईडी की छापेमारी में सौरभ और उसके साथियों से 37 करोड़ रुपए की नकदी मिली है।
इधर, सौरभ की मां उमा शर्मा से लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को भी पूछताछ की। टीम ने उनसे सौरभ के निवेश, बेनामी संपत्तियों व ठिकाने को लेकर सवाल किए।
इधर, पटवारी का दावा सौरभ की लाल डायरी में नेता-अफसरों के नाम पर 2 हजार करोड़ का हिसाब
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने दावा किया है कि सौरभ शर्मा से जब्त लाल डायरी में प्रदेश के नेता-अफसरों के नाम पर 2 हजार करोड़ रुपए के लेन-देन का हिसाब है। लोकायुक्त पुलिस के पास मौजूद इस डायरी में रुपए के लेन-देन के आंकड़ों को आगे नेता व अफसरों के नाम के पहले अक्षर (अल्फाबेट) का इस्तेमाल कोड वर्ड के रूप में किया गया है। पटवारी ने मांग की है कि इस डायरी का सत्यापन केंद्रीय एजेंसियों से कराया जाना चाहिए। पटवारी ने आशंका जाहिर की है कि लोकायुक्त के पास मौजूद इस डायरी को बदला जा सकता है, इसलिए जल्द से जल्द इस डायरी का सच सामने लाया जाना जरूरी है।