बुजुर्ग और दिव्यांग वोटरों के लिए चुनाव आयोग कर रहा है ये तैयारी

 

चार अक्टूब को  चुनाव आयोग ने 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों तथा दिव्यांगों के लिए डाक मतपत्रों का चयन करने की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाते हुए नए निर्देश जारी किए हैं। मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) 80 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों तथा दिव्यांगों के घरों तक डाक मतपत्रों के चयन के लिए आवश्यक फॉर्म पहुंचाएंगे।
निर्वाचन आयोग (Election Commission) की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, यदि मतदाता डाक मतपत्र का विकल्प चुनते हैं तो बीएलओ अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर मतदाता के घर से भरा हुआ फॉर्म 12-डी एकत्र कर निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में जमा करेगा। निर्वाचन आयोग (Election Commission) की ओर से तीन अक्टूबर को सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजे गए दिशा-निर्देश यह बात कही गई है।

 

समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्वाचन आयोग ने नागरिक संगठनों और मीडिया से मिले सुझावों के आधार पर उक्‍त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्वाचन आयोग ने कहा कि उक्‍त निर्देश आने वाले सभी चुनावों और उप-चुनावों में लागू होंगे। इनमें देश के अलग अलग राज्‍यों में 56 विधानसभा क्षेत्रों और एक लोकसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव भी शामिल हैं।

निर्वाचन आयोग की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, निर्वाचन अधिकारी यानी आरओ (क्षेत्रीय निर्वाचन अधिकारी) मतदान टीम तैनात करेंगे जो पूर्व-सूचित तारीखों पर डाक मतपत्र वितरित करेगी। यही टीम 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के यहां से डाक मतपत्र जमा भी करेगी साथ ही आरओ यानी क्षेत्रीय निर्वाचन अधिकारी को सौंपेगी। बता दें कि कोरोना संकट के चलते बुजुर्गों और दिव्यांगों की सहूलियत को ध्‍यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

 

उल्‍लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल और अधिक खर्च पर निगरानी के लिए निर्वाचन आयोग ने दो विशेष व्यय पर्यवेक्षक (Special Expenditure Observer) कर नियुक्ति भी की है। चुनाव आयोग ने इस संबंध में बीते चार अक्‍टूबर को यह आदेश जारी किया। आयोग ने पूर्व आइएएस अधिकारी मधु महाजन और पूर्व आइएएस अधिकारी बालाकृष्णन को विशेष पर्यवेक्षक बनाया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *