आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर जगदीश सरवटे के जबलपुर, सागर और भोपाल स्थित ठिकानों पर मंगलवार को आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने छापा मारा।
आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर जगदीश सरवटे पर ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई की है
करीब 10 घंटे की सर्चिंग के दौरान ईओडब्ल्यू को लगभग 5 करोड़ 90 लाख रुपए अनुपातहीन संपत्ति की जानकारी लगी है। जांच पूरी होने पर यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
उनके यहां से 56 महंगी शराब की बोतलें भी मिलीं। मां और भाई के नाम पर भी करोड़ों की प्रॉपर्टी का खुलासा हुआ है।
डिप्टी कमिश्नर जगदीश सरवटे ने अपनी नौकरी का लंबा समय जबलपुर में गुजारा है। कुछ समय पहले ही उनका सागर ट्रांसफर हुआ है। वे आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर पद पर कार्यरत हैं। उनके पास परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण जबलपुर का भी अतिरिक्त प्रभार है।

तीन टीमों ने की सर्चिंग की कार्रवाई सरवटे के खिलाफ EOW ने धारा 13 (1) (बी), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित 2018 पंजीबद्ध कर जांच शुरू की थी। 22 जुलाई को जबलपुर ईओडब्ल्यू की टीम ने सरवटे के जबलपुर स्थित शंकर शाह नगर रामपुर का शासकीय आवास, भोपाल स्थित बाग मुगलिया का मकान, आधारताल जबलपुर स्थित पैतृक मकान में सर्चिंग के लिए 3 टीमों का गठन किया गया। सागर स्थित शासकीय आवास की सर्चिंग सागर EOW की टीम ने की है।

आधारताल स्थित जगदीश सरवटे का पैतृक बंगला।



EOW एसपी ने कहा- अभी जांच जारी
डिप्टी कमिश्नर जगदीश सरवटे पर अब तक की कार्यवाही में कुल 5 करोड़ 89 लाख 95 हजार 624 रूपए की अनुपातहीन संपत्ति उजागर हुई है। एक प्लॉट, बीमा कंपनियों में निवेश और मां के नाम संपत्तियों का मूल्यांकन किया जाना शेष है। एक बैंक लॉकर भी खुलना बाकी है। जबलपुर EOW एसपी अनिल विश्वकर्मा का कहना है कि जबलपुर, भोपाल और सागर में अभी जांच चल रही है। देर रात या फिर बुधवार तक फाइनल फिगर आएगा।