
यूरोपीय मेडिकल रेग्युलेटर ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को सुरक्षित और असरदार बताया था. इसके बाद यूरोपीय संघ के कई देशों ने गुरुवार को वैक्सीन को शुरू करने का फैसला किया है. खास बात है कि कुछ दिनों पहले वैक्सीन लगाए जाने के बाद खून के थक्के जमने की खबरें आ रहीं थीं. हालांकि, मेडिकल रेग्युलेटर ने ऐसी किसी भी बात से इनकार किया था. इस वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर कई दिनों से बहस चल रही थी
EMA ने गुरुवार को कहा कि एस्ट्राजेनेका टीके से खून के थक्के जमने का खतरा नहीं है और इसके इस्तेमाल के फायदे खतरे से ज्यादा हैं. इस घोषणा के बाद जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, नेदरलैंड्स, पुर्तगाल, लिथुआनिया, लातविया, स्लोवेनिया और बुल्गेरिया ने इस वैक्सीन से वैक्सीनेशन फिर से शुरू करने की बात कही है.
यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी की यह घोषणा तब आई है, जब विश्व स्वास्थ्य संगठन और ब्रिटिश हेल्थ वॉचडॉग ने भी इस वैक्सीन को सुरक्षित बताया था और कहा था कि ऐसे में जब कई देशों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में वैक्सीन न लगवाना ज्यादा खतरे की बात है.
EMA की चीफ एमर कूक ने कहा कि एस्ट्रजेनेका की वैक्सीन की जांच के बाद समिति इस स्पष्ट वैज्ञानिक निष्कर्ष पर पहुंची है कि ‘यह एक सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन है.’ उन्होंने यह भी कहा कि ‘समिति ने यह भी पाया है कि वैक्सीन का थ्रोमबोमबॉलिक घटनाओं या खून का थक्का जमने की घटनाओं से कोई संबंध नहीं है.’ हालांकि एजेंसी ने यह भी कहा है कि वो दुर्लभ क्लॉटिंग डिसऑर्डर से वैक्सीन के किसी संबंध को ‘निश्चित तौर पर खारिज नहीं कर सकती है.’
बता दें कि पिछले सप्ताह, इस टीके की खुराक लेने के बाद लाखों में से कुछ लोगों के शरीर में खून के थक्के जमने की खबरें आई थीं जिसके बाद कई यूरोपीय देशों ने एस्ट्राजेनेका का टीका लगाए जाने पर रोक लगा दी थी. जर्मनी, फ्रांस और अन्य देशों ने कहा था कि वे टीके की खुराक देने से पहले ‘यूरोपियन मेडिकल एजेंसी’ द्वारा इसकी मंजूरी देने का इंतजार करेंगे.