
अमेरिका ने शुक्रवार को ऐलान किया कि अब कोरोना वैक्सीन की दो डोज़ लेने वाले लोगों के लिए मास्क जरूरी नहीं है, लेकिन भारत में हालात अभी बदले नहीं हैं. एम्स के डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि वैक्सीन लगवाने के बाद भी मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करना जरूरी है. डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि कोरोना वायरस लगातार अपना रूप बदल रहा है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि नए वेरिएंट से वैक्सीन की दो डोज़ लेने के बाद भी संक्रमित होने का खतरा बना रहता है.
बता दें कि अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रीवेंशन (सीडीसी) ने शुक्रवार को कहा कि पूरी तरह वैक्सीनेट हो चुके लोगों के लिए अब मास्क पहनना या सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो करना जरूरी नहीं है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अगर आप पूरी तरह से वैक्सीनेट हो गए हैं तो आपको अब मास्क पहनने की जरूरत नहीं है.
भारत में मास्क है जरूरी:-हालांकि भारत के एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों का कहना है कि यहां बिना मास्क के बाहर निकलने का फैसला अभी नहीं लिया जा सकता. एक्सपर्ट्स के मुताबिक लोगों को अभी इसके लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ेगा. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत करते हुए एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा, ‘जब तक भारत में कोरोना संक्रमण को लेकर और अधिक डेटा नहीं आ जाते तब तक हमें सावधान रहने की जरूरत है. ये वायरस बहुत ही चालाक है और अपना रूप बदलता रहता है. फिलहाल हम ये नहीं कह सकते हैं कि नए वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन कितना असरदार साबित होगी. इसलिए जरूरी है कि आप वैक्सीन की दो डोज़ के बाद भी मास्क पहने. इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करें.’
इस बीच सूत्रों का कहना है कि सरकार हाल फिलहाल में कोई नई एडवाइजरी जारी नहीं करने जा रही है. लोगों को हर हाल में मास्क लगाना ही होगा. भारत में अब तक 18 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगी है, जबकि सिर्फ 3 करोड़ लोगों ने वैक्सीन की दो डोज़ ली है.