
फेसबुक की एग्जीक्यूटिव अंखी दास ने कंपनी में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने मंगलवार को ये जानकारी दी. हाल ही में भारत में फेसबुक पर कथित पक्षपात और नफरत फैलाने वाले भाषणों को लेकर अनदेखी करने का आरोप लगा था, इस विवाद में अंखी दास का नाम सुर्खियों में रहा था.फेसबुक के भारत में प्रबंध निदेशक अजीत मोहन ने ई-मेल के जरिये बयान में कहा, ‘‘अंखी दास ने फेसबुक में अपने पद से हटने का निर्णय किया है. उन्होंने जन सेवा में अपनी रुचि के अनुसार काम करने के लिये यह कदम उठाया है. अंखी हमारे उन पुराने कर्मचारियों में शामिल हैं, जिन्होंने कंपनी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभायी…”
अंखी दास और फेसबुक दोनों से को सरकार और अपने कर्मचारियों दोनों की ओर से सवालों का सामना करना पड़ा था कि इस बड़े सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर राजनीतिक कंटेंट को कैसे रेगुलेट किया जाता है. अकेले भारत में भी फेसबुक के 30 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ता हैं.पिछले ही हफ्ते फेसबुक की पॉलिसी हेड अंखी दास से संसदीय समिति के सदस्यों ने भारतीयों के डेटा की सुरक्षा से जुड़े मसले पर करीब दो घंटे तक सवाल-जवाब किए थे.
फेसबुक इंडिया के अधिकारी शुक्रवार को संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष इस मसले पर पेश हुए थे. डेटा प्रोटेक्शन बिल पर अपना पक्ष रखने को लेकर यह बैठक दो घंटे तक चली थी. बैठक में फेसबुक इंडिया का प्रतिनिधित्व पॉलिसी हेड अंखी दास और बिजनेस हेड अजित मोहन ने किया. उन्हें स्पष्ट तौर पर बताया गया कि वे किसी भी भारतीय नागरिक का डेटा प्रचार, कारोबार या चुनाव के दौरान आनुमानिक तौर पर इस्तेमाल नहीं कर सकते.
सूत्रों ने बताया था कि सांसदों ने फेसबुक के अधिकारियों से पूछा कि वे अपने राजस्व का कितना हिस्सा यूजर्स के डेटा प्रोटेक्शन पर खर्च करते हैं. उनसे फेसबुक के कुल राजस्व के बारे में भी मालूमात की गई. कितना टैक्स वे चुकाते हैं, इसकी जानकारी भी मांगी गई थी.