श्री राम मंदिर अयोध्या के नाम पर बेचा जा रहा नकली प्रसाद, कंज्यूमर अथॉरिटी ने अमेजन को भेजा नोटिस; सात दिनों में मांगा जवाब

नई दिल्‍ली : केंद्र सरकार ने अमेज़ॅन (Amazon) को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें ई-कॉमर्स दिग्गज पर ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम पर साधारण मिठाइयों की बिक्री का आरोप है. Amazon पर राम मंदिर प्रसाद बेचने का आरोप है, जबकि अयोध्‍या राम मंदिर ने ऐसा कोई प्रसाद नहीं भेजा है. ई-कॉमर्स साइट यह कार्रवाई कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) द्वारा दर्ज की गई एक शिकायत के जवाब में की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अमेज़ॅन अयोध्या में अभी तक उद्घाटन होने वाले राम मंदिर के “प्रसाद” की आड़ में मिठाई बेचकर उपभोक्ताओं को गुमराह कर रहा है.

गुमराह करने का आरोप…

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने कहा कि इस तरह की प्रथाएं उपभोक्ताओं को उत्पादों की वास्तविक विशेषताओं के बारे में गुमराह करती हैं… गलत सूचना के आधार पर लोगों को प्रसाद खरीदने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जो अपराध है. सीसीपीए ने एक बयान में कहा, “ऑनलाइन खाद्य उत्पादों की बिक्री के लिए गलत जानकारी देना, उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक विशेषताओं के बारे में गुमराह करना, इस तरह की प्रथा उपभोक्ताओं को खरीद निर्णय लेने के लिए गलत तरीके से प्रभावित करती है, जो उन्होंने अन्यथा नहीं लिया होता, यदि उत्पाद की सटीक विशेषताओं का उल्लेख किया गया होता.”

अमेज़ॅन को सात दिन का समय

अमेज़ॅन के प्लेटफ़ॉर्म पर सूचीबद्ध विशिष्ट उत्पादों में ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद, रघुपति घी लड्डू, अयोध्या राम मंदिर अयोध्या प्रसाद, खोया खोबी लड्डू, राम मंदिर अयोध्या प्रसाद, देसी गाय का दूध पेड़ा’ शामिल हैं. सीसीपीए द्वारा जारी नोटिस का जवाब देने के लिए अमेज़ॅन को सात दिन का समय दिया गया है, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत कंपनी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी.

आस्‍था के सैलाब में डूबा देश

दरअसल, राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) समेत कई गणमान्य लोग हिस्सा लेंगे. इसके अलावा लगभग पूरा देश इस समय आस्‍था के सैलाब में डूबा हुआ है… हर ओर राम नाम की गूंज सुनाई दे रही है. ऐसे में कुछ लालची लोग लोगों की आस्‍था से खिलवाड़ करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई बेहद जरूरी है.

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