
भोपाल के नामी आर्किटेक्ट मिलिंद जुमड़े की आत्महत्या में लसूड़िया पुलिस ने पीडब्लूडी ब्रिज सेक्शन के चीफ इंजीनियर रहे संजय खांडे के भाई राजेश खांडे पुत्र निवासी बैकुठधाम 202 पुनम पैलेस नियर आनंद बाजार और भोपाल मॉलिक्यूल बार के पार्टनर प्रमेश मेहता पुत्र प्रेमनारायण मेहता निवासी ए 17 निरुपम रायल पाम्स जाटखेडी होशंगाबाद रोड भोपाल पर केस दर्ज किया है।
दोनों को लेकर मृतक मिलिंद ने मौत से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा था। 9 माह की जांच के बाद पुलिस ने मृतक के परिजन के बयानों व सुसाइड नोट के आधार पर दोनों को आरोपी बनाया है। लसूड़िया टीआई तारेश सोनी ने बताया कि आर्किटेक मिलिंद का शव क्षेत्र की लॉ फ्लोरा होटल के कमरा नंबर 21 में मिला था।
यहां उन्होंने जहरीली गोलियां खाने के बाद हाथ की नस काट ली थी। मर्ग जांच में पुलिस ने परिवार में मां सुशीलाबाई, पत्नी प्रीति, साले रविंद्र राव,ममेरे भाई संजय और सिंद्धात ओझा के कथन लेने के साथ मृतक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ ये केस दर्ज किया है।

सुसाइड नोट में लिखा था कि ‘मैं राजेश खांडे की वजह से आत्महत्या कर रहा हूं। जबरदस्ती पैसे वसूली कर दबाव बनाकर मेरी मानसिक स्थिति भंग की। मॉलिक्यूल इंदौर में यह व्यक्ति मुख्य भागीदार है। मॉलिक्यूल प्रोजेक्ट में जबरदस्ती करोड़ों रुपए का दबाव इसके द्वारा बनाया गया।
सिद्धांत ओझा जी से इन्होंने कहा कि यह व्यक्ति मरता है तो मरे। मैं तो इससे पैसे लेकर रहूंगा। आम सहमति से यह मेरी पत्नी को कई माह पहले प्रोजेक्ट से बाहर कर चुके हैं। पत्नी के 7.5 प्रतिशत शेयर अपने पास रख लिए।
इधर-उधर से लेकर राशि दे चुका हूं। फिर भी यह डेढ़ करोड़ रुपए के लिए दबाव बना रहे हैं। इसी तरह भोपाल मॉलिक्यूल के प्रिमेश मेहता द्वारा मुझे छला गया। मॉलिक्यूल की लागत 2.20 करोड़ बताकर प्रिमेश ने प्रोजेक्ट का खर्च 4.40 करोड़ बताया। उसके दबाव में पत्नी का पूरा शेयर बेचना पड़ा।
2.60 करोड़ रुपए मेरे द्वारा इंदौर मॉलिक्यूल में पहुंचाए गए। जबकि वहां मेरी पत्नी की भागीदारी 52 लाख रुपए की बनती है। राजेश खांडे की वजह से मुझे लोगों से कर्जा लेना पड़ा। पैसों के दबाव में आठ महीनों से पत्नी से झगड़े हो रहे है। परेशान होकर पत्नी ने तलाक का निर्णय लिया। खांडे की वजह से मेरा पूरा परिवार बिखर गया।
प्रोजेक्ट में 2.60 करोड़ लेने के बाद 1.5 करोड़ और देने का दबाव बना रहे हैं। मेरा पूरा जीवन राजेश खांडे और प्रिमेश मेहता इन दोनों की वजह से बर्बाद हो गया। अब और अधिक राशि देने में सक्षम नहीं हूं और ज्यादा दबाव नहीं झेल सकता।
इस असहनीय पीड़ा के कारण आत्महत्या कर रहा हूं। न पत्नी साथ है, न बच्ची। खांडे के दबाव में यशोदा परिसर का घर बेचना पड़ा। पत्नी ने भी समझा कि मैंने करोड़ों का हेरफेर किया। करोड़ों रुपयों का दबाव और परिवार का बिखरना असहनीय है। बेटी, जिसे जान से ज्यादा चाहता हूं, उससे दूरी असहनीय है।’

6 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा था
पुलिस के मुताबिक आर्किटेक्ट मिलिंद जुमड़े ‘अर्थ एसोसिएट’ के प्रोप्राइटर थे। उन्होंने मिंटो हॉल, सैर सपाटा जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट में काम किया था। कुछ समय से वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। 30 सितंबर को वे इंदौर की होटल में उनका शव मिला था। 6 पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने खांडे और मेहता पर आरोप लगाए थे।