मुरैना के बागचीनी इलाके के हड़वासी गांव की नहर किनारे एक झोपड़े में चल रहे भ्रूण लिंग परीक्षण के रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। महिलाओं की लगातार आवाजाही देखकर एक ग्रामीण ने वीडियो बनाया और झोपड़े के बाहर से कुंडी लगा दी।
महिलाओं की लगातार आवाजाही देखकर एक ग्रामीण ने वीडियो बनाया और झोपड़े के बाहर से कुंडी लगा दी।
हालांकि, मुख्य आरोपी और 6 महिलाएं छप्पर की घास हटाकर मारुति वैन से भाग निकले। बाद में ग्रामीणों ने वैन चालक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी, वैन चालक और एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

वैन से बार-बार महिलाओं के आने-जाने पर शक हुआ
हड़वासी गांव की नहर के पास एक वैन से बार-बार महिलाओं के आने-जाने पर विकास शर्मा को शक हुआ। वह वीडियो बनाते हुए वैन के पास पहुंचा और झोपड़े के अंदर गया। वहां निलंबित चपरासी संजय पचौरी भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहा था। अंदर 6 महिलाएं बैठी थीं।
युवक ने बाहर से कुंडी लगाई और मदद के लिए गांव गया। इसी दौरान वैन चालक की मदद से झोपड़े की घास हटाकर आरोपी भाग गए। ग्रामीण युवक विकास शर्मा के अनुसार, अंदर महिलाएं थीं और एक व्यक्ति महिला का भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहा था। सामने बैठे गांव के छोटू उर्फ विक्रम ने अपना मुंह ढक लिया।

हाईवे पर महिलाओं को छोड़ा, ग्रामीणों ने ड्राइवर को पकड़ा
वैन में बैठकर सभी महिलाएं और मुख्य आरोपी संजय पचौरी मुंगावली गांव के पास नेशनल हाईवे 552 पर उतरे और वहां से अन्य साधन से भाग गए। बाद में ग्रामीणों ने वैन का पीछा कर चालक राकेश प्रजापति को पकड़कर सिविल लाइन पुलिस को सौंप दिया।
बागचीनी थाना प्रभारी शशि कुमार के अनुसार, “घटना स्थल बागचीनी थाना इलाके में है। इसलिए सिविल लाइन थाने ने जीरो पर केस दर्ज कर डायरी बागचीनी थाने में भेजी। तीन आरोपियों वैन ड्राइवर राकेश प्रजापति, संजय पचौरी, विक्रम के खिलाफ मामला दर्ज किया है।”

पुलिस को ड्राइवर के अपहरण की सूचना मिली थी
सिविल लाइन टीआई उदयभान यादव के अनुसार, सोमवार शाम को सूचना मिली कि मुंगावली गांव के पास एक ड्राइवर का अपहरण हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ड्राइवर राकेश प्रजापति को उसकी ओमनी गाड़ी समेत थाने ले आई।
पुलिस इस दौरान विकास शर्मा और उसके एक साथी को हिरासत में लेकर थाने लाई। पूछताछ में सामने आया कि हड़वंसी गांव के पास एक झोपड़े में भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा था। इसका वीडियो विकास शर्मा के पास था।

3 बार जेल जा चुका आरोपी, 800 रुपए रोज पर ली थी वैन
भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाला मुख्य आरोपी संजय पचौरी जौरा के सीएम राइज स्कूल में चपरासी था, जिसे 2024 में निलंबित किया गया था। वह पहले भी इस रैकेट में तीन बार गिरफ्तार हो चुका है। हाल ही में 6 महीने की जेल काटकर छूटा था और फिर इसी काम में लग गया।
वैन चालक राकेश प्रजापति के अनुसार, “संजय पचौरी ने उसकी गाड़ी को प्रतिदिन 800 रुपए पर किराए से लिया था। वह महिलाओं को बताए स्थान से लाने लेजाने का कार्य करता था। उसने सभी लोगों को मुंगावली चौराहे पर उतार दिया फिर वह किस वाहन से गए उसे नहीं पता।”
CMHO बोले- ये बड़ा भ्रूण लिंग परीक्षण नेटवर्क है
सीएमएचओ डॉ. आनंद बंसल के अनुसार, संजय पचौरी आदतन अपराधी है और इस तरह की घटनाओं को पहले भी अंजाम देता रहा है। उसके खिलाफ 17 अक्टूबर 2024 को स्टेशन रोड थाने में, 2 मई 2025 को सिविल लाइन थाने में और 6 अप्रैल को मुरैना जिले में तीसरा मामला दर्ज किया गया है।
इसके अलावा अन्य जिलों में भी उसके खिलाफ अपराध दर्ज हैं। डॉ. बंसल के अनुसार, आरोपी हाल ही में जेल से बाहर आया है और दोबारा सक्रिय हो गया है। उसका बड़ा नेटवर्क है, जो भ्रूण लिंग परीक्षण से जुड़ा हुआ है।
