इंदौर। फुटपाथ विक्रेताओं के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई से बाजार में हड़कंप, माफियाओं का व्यापार बंद; व्यापारियों ने पुलिस से मांगी सुरक्षा

राजबाडा क्षेत्र में फुटपाथ विक्रेताओं के खिलाफ नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर बाजार में हड़कंप है। इस कार्रवाई से सैकड़ों फुटपाथ विक्रेताओं का अवैध कारोबार प्रभावित होने लगा है। वहीं इन्हें किराए के लिए जमीन उपलब्ध कराने वाले माफिया बौखला गए हैं। व्यापारियों का दावा है कि इनका गोरखधंधा नहीं चलने से वे व्यापारिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों से रंजिश रखने लगे हैं। कुछ माफियाओं ने नगर निगम के अधिकारियों को शिकायत करने वाले पदाधिकारियों की रैकी शुरू कर दी है।

दरअसल, राजबाडा क्षेत्र में जमीन पर कब्जा कर बैठे फुटपाथ विक्रेताओं का यहां लाखों का कारोबार होता है। त्यौहारों पर तो यह कारोबार और भी ज्यादा बढ़ जाता है। यही कारण है कि राखी के मद्देनजर इन कारोबारियों ने लाखों रुपए सामान खरीदकर रख लिया था। ये कारोबारी वे हैं जो माफियाओं को अपनी दुकान लगाने के लिए रोज 500 रु. से 1500 रु रोज देते हैं। इनमें कपड़े, जूते-चप्पल, होजियरी, सौंदर्य प्रसाधन, खान-पान आदि का कारोबार करने वाले हैं। ऐसे ही छोटे-बड़े 30 से ज्यादा माफिया हैं जो यहां किराए की जमीन देकर गोरखधंधा कर रहे हैं।

अब चूंकि दो दिन से फुटपाथी विक्रेताओं का कारोबार चौपट है इसलिए वे अब माफियाओं को किराए पर जगह देना बंद कर दिया है। बाजार के सूत्रों का कहना है कि दो दिन से माफियाओं को किराया नहीं मिलने से वे बौखला गए हैं। वे और उनके गुर्गे अब बाजारों में घूम-घूमकर रैकी कर रहे हैं। कुछ माफियाओं की निगम कर्मचारियों से सांठगाठ भी सामने आई है। ऐसा नजारा दो दिन से चली रही निगम कार्रवाई के दौरान भी दिखा। निगम की टीम बाजार में पहुंचने के पहले ही माफियाओं को सूचना मिल गई और उन्हें अपने ठियों से दुकानदारों को हटवा दिया। ऐसे ही मंगलवार को जिनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी थी वहां निगम का रवैया नरम रहा। निगम ने उनका ज्यादा सामान जब्त नहीं किया या फिर छोड़ दिया।

 

कार्रवाई के दौरान निगम ने हाथ में फेरीवाले जो टोकनी में सामान बेच रहे थे, उनसे भी छीन लिए। यशवंत रोड पर एक बुजुर्ग अपना सामान समेटता तब तक उसका सामान छीनकर गाडी में भर लिया। कृष्णपुरा क्षेत्र में निगम कर्मचारियों ने गली में घुसकर वन वे होटल में घुसकर सामान जब्त किया। यहां होटल संचालित करने वाली महिला व अन्य की निगम कर्मचारियों से खूब बहस हुई। कुल मिलाकर निगम की कार्रवाई तो हो रही है लेकिन साथ ही माफियाओं के ठियों को बख्शा जा रहा है।

सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, कसावट

बहरहाल, माफियाओं द्वारा रैकी करने व हमले की आशंका के मद्देनजर इन क्षेत्रों के व्यापारिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था में कसावट की है। उन्होंने अपनी दुकानों के सीसीटीवी कैमरों को दुरस्त करने के साथ संख्या बढ़ाई है। इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन की ओर से सोमवार को सराफा थाना में इस बाबद लिखित आवेदन दिया है। इसमें बताया उक्त कार्रवाई के बाद कुछ तत्व एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन व पदाधिकारियों के साथ कोई अप्रिय वारदात या जान-माल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में इन्हें सुरक्षा दी जाएं। पदाधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस मामले से अवगत कराया है।

21 अगस्त को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुलिस को दिया आवेदन

फैमिली एप डॉउनलोड किए, परिवार को कहा कि मोबाइल बंद मिले तो पुलिस से शिकायत करना

एसोसिएशन के सारे पदाधिकारियों ने अपने और परिवार के सदस्यों के साथ मोबाइलों में फैमिली एप डाउनलोड किए हैं। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों को बताया कि एप के माध्यम से उन्हें उनकी लोकेशन मिलती रहेगी। अगर मोबाइल बंद होने हु तो उस स्थिति में लोकेशन नहीं मिल सकेगी। इसके साथ ही अन्य सुरक्षा प्रबंध भी किए हैं। यदि उनका मोबाइल बंद मिले या रिसीव न हो तो पुलिस से शिकायत कर देना।

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