
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कोर्ट ने परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी शरद जायसवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी है। ईडी कोर्ट में सौरभ और शरद की ओर से 17 अप्रैल को आवेदन किया गया था, जिस पर ईडी ने पहले जवाब पेश किया और इसके बाद दोनों पक्षों के वकीलों के बीच इस पर बहस हुई। बुधवार को विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा था। गुरुवार को ईडी कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
ईडी की ओर से वकील धनेंद्र पटेल तो सौरभ की ओर से दीपेश जोशी व शरद की ओर से रजनीश बरया ने पैरवी की। ईडी के वकील ने सौरभ और शरद के कृत्यों को गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया। इधर, सौरभ और शरद के वकीलों ने ईडी की कार्रवाई को गलत बताया। ईडी ने तर्क दिया कि सौरभ और इसके सहयोगियों के खिलाफ जांच अभी भी जारी है। 8 अप्रैल को चार्जशीट पेश करने के बाद भी दो करोड़ रुपए से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग का पता चला है।