अब भारत में ही बनेंगे राफेल जेट और पैंथर हेलिकॉप्टर, फ्रांस सरकार का बड़ा ऑफर

भारत रक्षा के क्षेत्र में अपना पक्ष मजबूत करने पर जोर दे रहा है। भारत और फ्रांस ने रक्षा के क्षेत्र में एक-दूसरे का सहयोग करने के लिए एक साथ कदम बढ़ाए हैं। फ्रांस ने राफेल लड़ाकू विमान और पैंथर हेलिकॉप्टर पर भारत को बड़ा ऑफर दिया है। अब फ्रांस के पैंथर यूटिलिटी हेलिकॉप्टर को 100 फीसदी भारत में ही असेंबल किया जाएगा।
इसके अलावा राफेल फाइटर जेट की असेंबली लाइन 70 परसेंट तक भारत में ही शिफ्ट की जा सकती है. इससे भारत के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करने पर बातचीत हुई है.

बता दें कि भारत और फ्रांस के बीच वार्षिक रणनीतिक संवाद को लेकर पिछले हफ्ते फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों के राजनयिक मामलों के सलाहकार एमैनुएल बॉन दिल्ली में थे. इसी दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पर बातचीत हुई. अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक भारत, फ्रांस से और अधिक राफेल जेट खरीद सकता है. दरअसल भारत में इसके असेंबल करने से इसकी कीमत काफी कम हो जाएगी.

नौसेना को है जरूरत:-बता दें कि भारत नौसेना के लिए मध्यम रेंज के हेलीकॉप्टर खरीदने की तलाश में है. एयरबस AS565 MBe का इस्तेमाल किसी भी मौसम में किया जा सकता है. ये मल्टी-रोल मीडियम हेलीकॉप्टर है, जिसे शिप के डेक, ऑफशोर लोकेशन और लैंड-बेस्ड साइट्स से ऑपरेशन के लिए बनाया गया है.

न्यूक्लियर पावर प्लांट पर भी चर्चा;-दक्षिण ब्लॉक के सूत्रों के अनुसार इस सप्ताह भारत-फ्रांस रणनीतिक वार्ता में न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के 9,900 मेगावाट की जैतापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र को लेकर भी बातचीत हुई. सूत्रों के मुताबिक भारत, फ्रांस के छह एयरबस 330 मल्टी-रोल ट्रांसपोर्ट टैंकरों को लीज पर लेने के लिए बातचीत कर रहा है.

कई और मुद्दों पर हुई बातचीत:-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस बातचीत के दौरान मौजूद रहे. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्षों ने आतंकवाद से निपटने, साइबर सुरक्षा, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय एवं वैश्विक मामलों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग समेत विभिन्न मामलों पर वार्ता की. मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को उच्च प्राथमिकता दिए जाने की बात दोहराई और दोनों देशों के बीच विचारों के मेल को रेखांकित किया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *