
आरोपी सचिन जगताप पुलिस की गिरफ्त में है।
इंडिया में 7 महीने रहकर जब मैं नेपाल लौटी, तो कई महीनों तक डिप्रेशन में रही। मेरा घर, पैसा, फीलिंग्स सभी को एक झटके में सचिन ने बर्बाद कर दिया। उस दिन के बाद से मैंने शादी करने का ख्याल भी मन से निकाल दिया था।
ये आपबीती नेपाल के काठमांडू में रहने वाली चारू (बदला हुआ नाम) की है। दरअसल, चारू को मुंबई के रहने वाले युवक सचिन जगताप ने शादी का झांसा देकर 12 लाख रुपए ऐंठ लिए थे। चार दिन पहले 24 मई को उज्जैन की बड़नगर पुलिस ने उसे इंदौर से गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारी चारू की शिकायत पर नहीं हुई, बल्कि उसने उज्जैन की एक नर्स को भी शादी का झांसा देकर 12 लाख रुपए हड़प लिए थे।
सचिन की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो पता चला कि वह ऐसी करीब 35 महिलाओं के साथ धोखाधड़ी कर चुका है। वह महिलाओं से मेट्रिमोनियल साइट्स के जरिए संपर्क साधता था। उसके टारगेट पर तलाकशुदा, विधवा और सिंगल वुमन रहती थीं।
आरोपी सचिन जगताप की धोखाधड़ी का शिकार महिलाओं से बात कर समझा कि आखिर उसने किस तरह से उन्हें जाल में फंसाया और पैसे ऐंठे? पढ़िए रिपोर्ट…

अब जानिए उज्जैन पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा
एसडीओपी महेंद्र सिंह परमार ने बताया कि 5 मई को उनके दफ्तर में 2 महिलाएं आई थीं। उन्होंने अपने लिव-इन-पार्टनर पर शादी का झांसा देकर पैसे ऐंठने के आरोप लगाए थे। इनमें से एक उज्जैन के सरकारी अस्पताल में काम करने वाली नर्स और दूसरी टीचर थी।
दोनों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक युवक से उनकी मेट्रिमोनियल साइट पर मुलाकात हुई थी। उसने दोनों को कुछ ही महीनों में शादी करने का झांसा दिया था। युवक ने नर्स से 12 लाख रुपए और टीचर से साढ़े तीन लाख रुपए नकद और महंगे गिफ्ट लिए थे।
शिकायत पर बड़नगर पुलिस ने 23 मई को मामला दर्ज किया और 24 मई को सचिन जगताप को इंदौर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने जब आरोपी से पूछताछ की तो पता चला कि उसने 35 से ज्यादा महिलाओं से इसी तरह ठगी की है।

उन दो महिलाओं की आपबीती जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई
केस 1:मेट्रिमोनियल साइट पर लिखा फैक्ट्री मालिक
उज्जैन के बड़नगर के सरकारी अस्पताल में पदस्थ नर्स को सचिन ने खुद को फैक्ट्री मालिक बताया था। भास्कर ने जब नर्स से बात की तो उसने बताया- मेरे दो बच्चे हैं, कुछ साल पहले पति की मौत हो चुकी है। मैंने 2 साल पहले फिर से शादी करना तय किया, तभी से मेट्रिमोनियल साइट पर अपने लिए सूटेबल हसबैंड की तलाश कर रही थी।
एक साल पहले सचिन की रिक्वेस्ट मेट्रिमोनियल साइट पर आई। हम दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। सचिन ने बताया था कि उसका फैमिली बिजनेस है और वह एक फैक्ट्री का मालिक है। कुछ समय बाद हम दोनों एक- दूसरे से शादी करने के लिए तैयार हो गए। इसी बीच उसने बताया कि उसका फैक्ट्री में नुकसान हो गया है। उसे अर्जेंट 12 लाख की जरूरत है। तब मैंने उसे अपनी सेविंग से 12 लाख रुपए दिए।

केस 2: उसने बताया वह बड़े घर का रहने वाला है
उज्जैन की रहने वाली टीचर ने बताया कि वह तलाकशुदा है और उसका एक बेटा है। पहले पति से तलाक लेने के बाद वह फिर से अपनी लाइफ में सेटल होना चाहती थी। उसने मेट्रिमोनियल साइट पर अपनी प्रोफाइल अपलोड की थी। पिछले साल नंवबर के महीने में मेट्रिमोनियल साइट पर उसकी सचिन से मुलाकात हुई थी।
सचिन ने ही उसे रिक्वेस्ट भेजी थी। इसे मंजूर करने के बाद हम दोनों के बीच बातचीत होने लगी। इसके बाद हमने शादी करने का फैसला किया। सचिन ने भी मुझसे शादी का वादा किया था। उसने बातचीत में बताया था कि वह एक बड़े घर से ताल्लुक रखता है। इसी दौरान इमोशनल ब्लैकमेल कर उसने मुझसे 4 लाख रुपए और महंगे गिफ्ट लिए थे।

यह तस्वीर एआई जनरेटेड है।
सचिन ने एक नेपाली महिला को भी जाल में फंसाया को पता चला कि सचिन ने 6 साल पहले नेपाल की एक तलाकशुदा महिला चारू (बदला हुआ नाम) को अपना शिकार बनाया था और उसे भी इमोशनल ब्लैकमेल कर 12 लाख रुपए ऐंठे थे। भास्कर ने चारू से बात की। उससे सिलसिलेवार तरीके से जाना कि आखिर कैसे वो सचिन के जाल में फंस गई।
मेट्रिमोनियल साइट से मुलाकात, एक साल तक बातचीत चारू ने बताया, 13 साल की उम्र में ही मेरी शादी हो गई थी। मेरे पति को ड्रग्स लेने की आदत पड़ गई थी, इस वजह से 20 साल पहले मेरा तलाक हो गया था। मेरे दो बच्चे हैं, बेटी की उम्र 20 साल और बेटे की 22 साल है। दोनों की मैंने ही देखभाल की है। जब बच्चे बड़े हुए तो मैं खुद को अकेला महसूस करने लगी थी।
मैं शादी कर सेकेंड इनिंग की शुरुआत करना चाहती थी। मैंने साल 2018 में मेट्रिमोनियल साइट पर अकाउंट क्रिएट किया। इस साइट पर सचिन ने मुझे रिक्वेस्ट भेजी थी। उसने प्रोफाइल में खुद को बिजनेसमैन और कम्प्यूटर इंजीनियर बताया था। हम दोनों के बीच बातचीत होने लगी।
मैंने उसे नेपाल बुलाया, मगर वो नहीं आया मेरे यूएस में रहने वाले बड़े भाई को हमारे रिश्ते के बारे में पता चला तो उन्होंने कहा- बिना सबकुछ जाने, एकदम शादी का फैसला नहीं लेना चाहिए। तब मैंने उसे नेपाल बुलाया। टाइम नहीं है, ऐसा कहकर उसने आने से इनकार कर दिया। उसने बताया कि पुणे के पास दीवेआगर में वह रिसॉर्ट बना रहा है। नेपाल आने के लिए उसके पास पैसे नहीं है। उसने मुझे ही भारत आने के लिए कहा।

सचिन से मिलने चारू तीन बार इंडिया आई
पहली बार: 4 दिन दिल्ली में रही, मगर सचिन नहीं मिला चारू बताती है कि वह फरवरी 2019 में सचिन से मिलने दिल्ली पहुंची। मैं चार दिन तक वहां रही, मगर वह नहीं आया। उसने बताया कि एक्सीडेंट हो गया है। एक फोटो भी भेजा। मैं उससे मिलने मुंबई गई। वो वहां पर भी नहीं था। मैंने बात की तो बोला- पुणे आ जाओ।
मैं पुणे में 7 दिन होटल में रुकी। यहां मैं उससे दो बार मिली और उसने मुझे इंप्रेस कर दिया था। उसने मुझसे केवल बिजनेस की बातें की। अपने बारे में बताया, लेकिन घरवालों के बारे में कुछ नहीं कहा। ये भी कहा कि उसके पास एक रिसॉर्ट है। वो खुद इसे चलाता है।

दूसरी बार : रिसॉर्ट के लिए 12 लाख रुपए लिए चारू बताती है कि दूसरी बार अप्रैल 2019 में उसने मुझे इंदौर बुलाया था। पहली मुलाकात में उसने मुझे रिसॉर्ट के बारे में बताया था, इस बार इन्वेस्टमेंट का प्लान समझाया। उसने कहा कि एक रिसॉर्ट पहले से है, मगर अब जगह कम पड़ रही है इसलिए बगल वाला लेना है। उसने मुझे ऑफर दिया कि मैं चाहूं तो इन्वेस्टमेंट कर सकती हूं।
मुझसे कहा- हम दोनों को ही उसे चलाना है। शादी करेंगे और रिसॉर्ट चलाएंगे। मैं नेपाल गई और मकान गिरवी रखकर 12 लाख का लोन लिया। जब मैंने उसे बताया तो वह बोला- 12 लाख कैश लेकर आ जाओ।

तीसरी बार: 6 महीने पुणे में रही, सबसे भयानक दिन गुजारे चारू बताती है कि मैं तो इंडिया में सेटल होने के इरादे से आई थी। उसने मुझसे कहा था कि मैं खाने और रहने का पूरा इंतजाम कर दूंगा। जैसे ही मैं पुणे के होटल में पहुंची उसने सबसे पहले मेरा एटीएम कार्ड ले लिया। इस अकाउंट में 12 लाख रुपए थे। कुछ दिन बाद जब मेरे पास रखा कैश खत्म हुआ तो मैंने उससे एटीएम वापस मांगा। उसने रोज बहाने बनाए।
उसने मेरे कान की सोने की बाली और चेन भी ठीक कराने के नाम पर ले ली थी। मैं उसपर आंख मूंद कर भरोसा कर रही थी। इतने दिनों तक होटल में रहना मेरे लिए मुश्किल हो रहा था, इसलिए मैंने गर्ल्स हॉस्टल में रहना तय किया। जिस हॉस्टल में रुकी थी वहां शेयरिंग रूम था। वह मुझसे महीने में एक या दो बार मिलने आता। मैं उससे रिसॉर्ट के बारे में पूछती तो कहता कि अभी कागज बनने में टाइम लगेगा।

रिसॉर्ट में नौकर जैसा ट्रीट किया चारू बताती है कि मैं रिसॉर्ट पहुंची तो वहां मुझे पार्टनर नहीं बल्कि एक नौकरानी की तरह ट्रीट किया। मैं चार दिन तक रही। वहां मुझसे साफ-सफाई और झाड़ू-पोंछा लगवाया गया। मैंने बर्तन तक मांजे। मुझे समझ आ गया कि सचिन ने मेरे 12 लाख रुपए हड़प लिए हैं।
सचिन के साथी ने ही खोली करतूतों की पोल चारू कहती है कि जब मैं पहली बार इंडिया आई थी तब सचिन के साथ संतोष रेड्डी से मिली थी। रेड्डी उस वक्त मुझसे कुछ कहना चाहते थे। मेरे पास उनका नंबर नहीं था। मैंने फेसबुक से उनसे संपर्क साधा। उन्होंने मुझे सचिन की सच्चाई बताई। ये कहा कि वह महिलाओं को मेट्रिमोनियल साइट के जरिए फंसाता है। उनसे पैसे ऐंठता है।
संतोष ने ये भी बताया कि सचिन को उसके परिवार ने घर से निकाल दिया है। उसकी शादी हुई थी, लेकिन पत्नी तलाक दे चुकी है। इसके बाद वह इंदौर की अन्नू नाम की महिला के साथ रह रहा था। अन्नू और सचिन ने मिलकर इंदौर में एक फ्लैट लिया था। अन्नू को जब सचिन की करतूत के बारे में पता चला तो उसने फ्लैट अपने नाम करवा लिया।

थाने में मेरे सामने गिड़गिड़ाया था चारू बताती है कि ये सब जानने के बाद मैं सीधे पुणे के चिंचवड़ थाने पहुंची। उसके खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। उसने पुलिस के सामने ही मुझसे माफी मांगी। सारे पैसे लौटाने और शादी करने का भी वादा किया था। मैं उसकी बातों में नहीं आई। मैं कुछ दिन तक हॉस्टल में रही और अपने परिचित के जरिए जैसे-तैसे नेपाल लौटी।
जब मैं वापस घर लौटी तो कई महीनों तक डिप्रेशन में रही। मेरा घर, पैसा और भावनाओं को सचिन ने बर्बाद कर दिया था। मेरा भारतीय पुरुषों से भरोसा उठ गया है। एक-दो भारतीय पुरुषों ने शादी के लिए अप्रोच किया था, लेकिन उस दिन के बाद से मैंने शादी का ख्याल ही मन से निकाल दिया है। अब मैं अपनी जिंदगी में खुश हूं।
