
फ्रांस में कोरोना की तीसरी लहर ने सरकार को देशव्यापी लॉकडाउन लगाने को मजबूर कर दिया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को देशव्यापी लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया और कहा कि स्कूलों को तीन सप्ताह के लिए बंद कर दिया जाए ताकि कोविड-19 संक्रमण की तीसरी लहर को पीछे धकेलने में मदद मिले, नहीं तो तीसरी लहर अस्पतालों पर भी भारी पड़ सकता है। इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ‘अगर अभी हमने अभी ठोस कदम नहीं उठाया तो हम कोरोना पर नियंत्रण खो देंगे।’
राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि इस दौरान केवल जरूरी सामान की दुकानों को खुलने की इजाजत होगी. साथ ही लोगों को दफ्तरों की बजाय घर से काम करना होगा. उन्होंने कहा कि इस दौरान सार्वजनिक सभाओं पर पूरी तरह रोक होगी. उचित कारण के बिना अपने घर से 10 किलोमीटर से अधिक दूर जाने पर रोक होगी.
‘टीकाकरण के काम में तेजी लाएगी सरकार’:-राष्ट्रपति ने कहा कि ये कोरोना टीकाकरण और वायरस, खास कर वायरस के ब्रितानी वेरिएंट के फैलने के बीच की रेस है. अगर सरकार ने अभी कुछ नहीं किया तो इस पर काबू करना मुश्किल हो सकता है. उन्होंने अप्रैल के आखिर तक लोगों से वायरस को रोकने के लिए और कोशिश करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि सरकार इस बीच टीकाकरण के काम में तेजी लाएगी और गर्मियों के खत्म होने तक सरकार 18 साल से अधिक की उम्र वाले सभी लोगों को कोरोना का टीका देगी.
फ्रांस में कोरोना संक्रमितों की संख्या 46.46 लाख पहुंची:-फ्रांस में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 46.46 लाख पहुंच चुकी है जबकि यहां महामारी से अब तक 95,502 लोगों की मौत हुई है. देश में फिलहाल 5,000 लोग कोरना के कारण आईसीयू में भर्ती हैं. हाल के दिनों में यहां ब्रिटेन के नए वेरिंएट के कोरोना वायरस के कारण संक्रमण के मामलों में तेजी आई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 31 मार्च को यहां एक दिन में संक्रमण के 29,575 मामले दर्ज किए गए. वहीं 28 मार्च को 41,682 और 29 मार्च को 37,014 मामले दर्ज किए गए थे.