
अगर सबकुछ ठीक रहा तो भारत को मार्च 2021 तक कोविड-19 का टीका हासिल हो सकता है। दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी, सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने यह बात कही है। यह कंपनी देश में ऑक्सफर्ड-अस्त्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन का ट्रायल कर रही है। SII के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ सुरेश जाधव ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि भारत को मार्च 2021 तक कोविड-19 की वैक्सीन मिल सकती है, अगर रेगुलेटर्स जल्दी अप्रूवल दें ‘क्योंकि कई निर्माता इसपर काम कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि भारत में कोविड-19 वैक्सीन पर रिसर्च बेहद तेजी से चल रही है। देश में दो वैक्सीन कैंडिडेट्स का फेज-3 ट्रायल चल रहा है और एक फेज-2 में है। और भी वैक्सीन कैंडिडेट्स पर भारत में रिसर्च और डेवलपमेंट पर काम चल रहा है।
उधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुख्य वैज्ञानिक डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि कोविद -19 के खिलाफ एक टीका अगले साल की दूसरी तिमाही तक तैयार हो जाना चाहिए. उन्होंने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा, ‘जनवरी 2021 तक हमें परिणाम दिखने लगेगा और 2021 की दूसरी तिमाही तक SARS-CoV-2 के खिलाफ टीका तैयार हो जाना चाहिए.’
वहीं, हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan) ने कहा था कि अगले साल की शुरुआत में भारत को एक से अधिक स्रोतों से कोरोना वायरस की वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) मिलने की उम्मीद है. डॉक्टर हर्षवर्धन ने बताया कि भारत में अगले साल की शुरुआत में कोरोनो वायरस का टीका लगने की उम्मीद है.
उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद कर रहे हैं कि अगले साल की शुरुआत में हमारे पास एक से अधिक स्रोतों से देश में टीका होना चाहिए. ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक के दौरान हर्षवर्धन ने कहा कि हमारे विशेषज्ञ समूह देश में वैक्सीन के वितरण को कैसे शुरू करें, इसकी योजना बनाने के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं.’
वहीं, इससे पहले डॉ. हर्षवर्धन ने संडे संवाद में बताया था कि देश में जो फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स है उन्हें सबसे पहले वैक्सीन वितरित की जाएगी. इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने ठंड और त्योहारों के लिए भी जनता को चेताया. उन्होंने कहा कि त्योहारों के दिनों में भीड़ लगाना और लापरवाही बरतना काफी खतरनाक हो सकता है.