ग्वालियर हाईकोर्ट ने एक अनूठा आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र यादव की खंडपीठ ने एक वकील को माधव अंधाश्रम में सामाजिक सेवा का निर्देश दिया है।
यह मामला सुशील वर्मा बनाम मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम से जुड़ा है। अपीलकर्ता के वकील प्रशांत शर्मा की लगातार अनुपस्थिति के कारण मूल याचिका खारिज कर दी गई थी। यह याचिका पदोन्नति से जुड़ी थी और पिछले दस सालों से लंबित थी।
कोर्ट ने कहा कि वकील की गलती का खामियाजा पक्षकार को नहीं भुगतना चाहिए। साथ ही न्यायालय ने कहा कि कोर्ट की प्रक्रिया की अवहेलना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसलिए कोर्ट ने वकील को निर्देश दिया कि वे माधव अंधाश्रम में एक घंटा बिताएं। वकील को वहां के वंचित बच्चों के साथ समय बिताना होगा। साथ ही उन्हें 10 हजार रुपए की खाद्य सामग्री और नाश्ता भी देना होगा।