
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला अपने सप्ताह भर के यूरोप के दौरे पर हैं। अपने पहले पड़ाव के रूप में उन्होंने फ्रांस का दौरा किया। हर्षवर्धन श्रृंगला ने अपनी यात्रा के दौरान कई सारे डोमेन में एक दृढ़ मित्र के रूप में फ्रांस के महत्व पर जोर दिया। आतंकवाद से लेकर ग्लोबल वार्मिंग तक, समुद्री सुरक्षा से लेकर सतत विकास, मानदंड-आधारित अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से तकनीक और नवाचार तक को लेकर उन्होंने फ्रांस के महत्व पर जोर दिया। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है।
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद और कट्टरपंथ सेंसरशिप का सबसे अधिक प्रभावी रूप बनकर उभर रहा है. पेरिस और नीस में पिछले हफ्ते हुई घटनाएं भयावह हैं. फ्रांस के साथ भारत खड़ा है.
‘हम नहीं कर सकते ढोंग’:-उन्होंने कहा कि हम यह ढोंग नहीं कर सकते हैं कि इस तरह की कार्रवाई के पीछे केवल लोन-वुल्फ पहल या गुमराह व्यक्तियों ने की है. इस तरह की घटनाओं को राज्यों और संगठित संस्थानों का समर्थन हासिल है.
सूत्रों के मुताबिक, श्रींगला ने कहा, “आप जानते हैं कि वो कौन हैं. हमें एक समन्वित और निश्चित प्रतिक्रिया को नहीं टालना चाहिए, हम नहीं टाल सकते हैं.”
‘भारत का काफी पुराना दृढ़ मित्र फ्रांस’:-श्रृंगला ने अपनी यात्रा के दौरान प्रमुख फ्रांसीसी शिक्षाविदों, मीडिया और विचारकों के एक क्रॉस-सेक्शन से मुलाकात की. भारत-फ्रांस सामरिक संबंधों की गतिशीलता को मजबूत करने में बहुत रुचि दिखी. उन्होंने फ्रांस को काफी पुराना एक दृढ़ मित्र बताया.
इससे पहले हर्षवर्धन श्रृंगला ने शुक्रवार को फ्रांस के अंतरराष्ट्रीय संबंध और रणनीति महानिदेशक (डीजीआरआईएस) के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में उन्होंने भारत-प्रशांत क्षेत्र और समुद्री सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग पर चर्चा की.
सुरक्षा संबंधी कई मुद्दों पर चर्चा:-वहीं, फ्रांस में स्थित भारतीय दूतावास ने ट्वीट करके कहा कि ‘विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने डीजीआरआईएस की महानिदेशक एलिस गुइटन के साथ एक सार्थक बैठक की, जिसमें उन्होंने भारत-प्रशांत क्षेत्र और समुद्री सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग पर चर्चा की.’