हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने नगर निगम को निर्देश जारी किए हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवारा कुत्तों को चिह्नित स्थानों से हटाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। 10 दिन में नगर निगम को हाई कोर्ट में पालन-प्रतिवेदन पेश करना है। शीर्ष अदालत के स्पष्ट आदेश के बाद भी नगर निगम ने स्कूल, कॉलेज, अस्पतालों के आसपास कुत्तों को हटाने के लिए कोई कार्रवाई ही नहीं की है।

प्रशासनिक जज विजयकुमार शुक्ला, जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। प्रतिवादियों की ओर से उपस्थित उप-महाधिवक्ता सुदीप भार्गन ने 10 दिन का समय मांगा है। सीनियर एडवोकेट पीयूष माथुर इस मामले में न्यायमित्र के रूप में हाई कोर्ट की सहायता करेंगे।
इंदौर में रोजाना 150 से ज्यादा मामले आ रहे डॉग बाइट के उल्लेखनीय है कि इंदौर में रोजाना 150 से अधिक डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। यह आंकड़ा सरकारी अस्पताल का है। निजी अस्पतालों में इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या अलग है। स्थिति यह है कि रात के वक्त सड़कों पर पैदल चलना मुश्किल है।
दो पहिया वाहनों के पीछे कुत्ते लपकते हैं जिससे वाहन चालक घबराकर एक्सीडेंट का शिकार हो जाते हैं। हाल ही में आलोक नगर में एक बच्ची के पीछे कुत्ते लपके थे। बच्ची ने गेट पर चढ़कर कूदना चाहा तो वह सिर के बल फर्श पर गिर गई थी।