
इंदौर की बेटी आराधना चौहान।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने मंगलवार को सिविल सर्विसेस परीक्षा 2023 का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इसमें इंदौर की 26 साल की बेटी आराधना चौहान ने एग्जाम क्लियर की है। आराधना का यह सेकंड इंटरव्यू था। पहले इंटरव्यू में 20 नंबर से रह गई थी। इस बार ऑल इंडिया लेवल पर 251 वीं रैंक आई है। पिता वरदीप सिंह चौहान रिटायर्ड अधिकारी हैं। मां रेखा हाउस वाइफ हैं।
• सवाल- इंदौर स्वच्छता में नंबर 1 क्यों है?
इंटरव्यू में आराधना चौहान ने जवाब में कहा कि 100 परसेंट डोर टू डोर कचरा कलेक्शन है। साथ ही नंबर 1 बनने में इंदौर के लोगों का बहुत बड़ा रोल है। कम्युनिटी के बिना ये पॉसिबल नहीं है।
• सवाल- किस तरह से अन्य शहर इंदौर को पीछे छोड़ सकते हैं?
दूसरे शहरों को अगर स्वच्छता में इंदौर से आगे निकलना है तो उन्हें कम्युनिटी (पब्लिक) को साथ लेना होगा। उनका भरोसा जीतना होगा। लेकिन इंदौर से नंबर 1 का ताज छीनना इतना आसान नहीं है।
आराधना का ये फोर्थ अटैम्प्ट और सेकंड इंटरव्यू था
आराधना से सिक्योरिटी और डेटा पॉलिसी से जुड़े कुछ सवाल भी किए गए थे। आराधना का ये फोर्थ अटैम्प्ट और सेकंड इंटरव्यू था। 2021 में पहला इंटरव्यू दिया था, तब 20 नंबर से एग्जाम क्लियर नहीं कर सकी थी, लेकिन इस बार जमकर मेहनत की तो सफलता मिल गई।
इंदौर से हुई है स्कूलिंग
आराधना का जन्म रतलाम में हुआ है। वह 2010 से इंदौर में रह रही हैं। इंदौर के सिका स्कूल से उनकी स्कूलिंग हुई है। एनआईटी भोपाल से साल 2019 में बीटेक किया। तीन बहनों में सबसे छोटी है। एक छोटा भाई है।
ऐसे की एग्जाम की तैयारी
पढ़ाई के बाद पुणे में एक साल आराधना ने जॉब की। यूपीएससी की एग्जाम भी दी लेकिन फिर जॉब छोड़ दी। 3 साल लगातार पढ़ाई की और एग्जाम को क्लियर किया। एग्जाम के लिए सेल्फ स्टडी ही की। ऑनलाइन पढ़ाई की। नोट्स बनाए। इंदौर से बाहर तैयारी के लिए अन्य शहर नहीं गई।

पिता वरदीप सिंह चौहान और मां रेखा के साथ बेटी आराधना।
एग्जाम की तैयारी करने वालों के लिए ये कहा
यूपीएससी एग्जाम की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए कहा कि करंट अफेयर्स बहुत होते हैं। उस पर ध्यान दे लेकिन ऐसा नहीं है कि सिर्फ न्यूज पेपर ही पढ़े। जहां से गाइडेंस मिल पा रही है, उसे गंभीरता से लें। उस पर ध्यान दें। पॉलिटिक्स सहित अन्य विषयों के लिए बुक्स पढ़े। सेल्फ स्टडी पर फोकस करें। जितना पढ़ा है, उस पर कॉन्फिडेंट रहे। मैं भी इंटरव्यू में कुछ टेक्निकल सवालों के जवाब नहीं दे सकी।
UPSC 2023 MP से इनका चयन



लद्दाख से फोन कर खुद के सिलेक्शन की सूचना
धार की माही शर्मा की 106 और सतना की काजल सिंह को 485वीं रैंक मिली है। काजल के पिता विजय सिंह सतना के कोलगवां पुलिस थाना में सब इंस्पेक्टर हैं। 65वीं रैंक हासिल करने वाली छाया के पिता छोटे सिंह अपर आयुक्त राजस्व ग्वालियर के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने बताया छाया लद्दाख टूर पर है। उसने अपने सिलेक्शन की सूचना लद्दाख से एक परिचित के फोन से कॉल कर दी है। छाया सिंह ने यूपीएससी परीक्षा 2023 में चौथे प्रयास में आईएएस बनने में सफलता पाई है।
छाया ने सीएसई 2021 क्लियर किया था और 288वीं रैंक पाई थी, तब सिलेक्शन आईडीएएस में हुआ था। इसके पहले यूपीएससी में डीएएनआईपीएस सर्विस में सिलेक्ट हुई थीं। वर्ष 2019 में यूपीएससी से सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेट के पद पर सिलेक्ट हुई थी। वर्ष 2020 में वे महिला और बाल विकास अधिकारी के पद पर भी चयनित हो चुकी हैं। छाया ने पंजाब के पटियाला से पांच वर्षीय बीएएलएलबी का कोर्स क्लैट के माध्यम से किया है।