
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच लोगों को इसकी एक कारगर और सुरक्षित वैक्सीन का इंतजार है। रूस और चीन ने तीसरे चरण का ट्रायल पूरा होने से पहले ही वैक्सीन को मंजूरी दे दी है और उच्च जोखिम वर्ग के लोगों को टीका लगाया जाने लगा है। वहीं भारत में नागरिक सुरक्षा को देखते हुए अबतक ऐसा नहीं किया गया है। हालांकि यहां तीन वैक्सीन कामयाबी से बस एक कदम दूर है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने साल 2021 की शुरुआत में वैक्सीन उपलब्ध हो जाने का भरोसा जताया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश को संबोधित करते हुए वैक्सीन की अच्छी प्रगति की चर्चा की। आम लोगों तक वैक्सीन पहुंचे, इसके लिए सरकार कई स्तर पर काम कर रही है।
मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव से राजेश भूषण से पूछा गया कि कोरोना वैक्सीन लेने के लिए क्या नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन (NDHM) की डिजिटल आईडी होना अनिवार्य होगी? इस पर उन्होंने साफतौर पर कहा कि हर देशवासी को कोरोना वायरस की वैक्सीन मिले, इसे सुनिश्चित करने के लिए कई सारे पहचान पत्र (ID) का इस्तेमाल किया जाएगा. राजेश भूषण ने इस पर आगे कहा, ‘देश में अभी जो एनडीएचएम की सेवाएं मौजूद हैं, उनके लिए किसी भी प्रकार की आईडी जरूरी नहीं है. ऐसे में यह कहना ठीक नहीं होगा कि सिर्फ वैक्सीन के लिए आईडी को अनिवार्य किया जाएगा और जिसके पास यह आईडी नहीं है, वे टीकाकरण से वंचित रह जाएंगे.’
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव का कहना है कि हेल्थ आईडी का इस्तेमाल उन मामलों में किया जाएगा जिनमें व्यक्तिगत/ प्राप्तकर्ता/लाभार्थी के पास (दूसरा) हेल्थ आईडी नहीं है. कई अन्य आईडी भी हैं जिनका एनडीएचएम के मामले में उपयोग किया जा सकता है. यह लगभग चुनावी परिदृश्य की तरह होगा, जहां ‘मतदाताओं’ के लिए आईडी पहले से निर्धारित हैं, ताकि कोई भी टीकाकरण से वंचित न रहे.
उन्होंने कहा कि सरकार को डिजिटल हेल्थ आईडी पर डाटा प्रबंधन नीति पर 7,000 से अधिक कमेंट प्राप्त हुए. सरकार उनके आधार पर कोई नीति ला सकती है. इस संबंध में संसद में एक विधेयक लंबित है. एनडीएचएम के पास एक डाटा प्रबंधन नीति है, जो पिछले एक महीने से सार्वजनिक है. हमें भी यह प्राप्त हुई है.
वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कोविड-19 से मृत्यु की दर एक सितम्बर के 1.77 प्रतिशत से कम होकर अब 1.52 फीसदी हो गई है. 19 अक्टूबर की स्थिति के अनुसार देश में आक्सीजन सहायतित 2,65,046 बिस्तर उपलब्ध हैं जबकि 7,71,36 आईसीयू बिस्तर और 39,527 वेंटीलेटर बिस्तर उपलब्ध हैं. वहीं पीएम मोदी ने जानकारी कि देश में करीब 12 हजार कोविड सेंटर कोरोना मरीजों के लिए बनाए गए हैं.