इंदौर के नेहरू पार्क स्थित सिंदूर वाटिका में गुरुवार को पौधारोपण का आयोजन किया गया। यहां मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की।
इस दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा को लेकर कहा कि सुमित ने बोला कि आज मेरी जिंदगी का सबसे छोटा भाषण है। बहुत सुंदर भाषण दिया है। हमेशा छोटा भाषण देना चाहिए।
विजयवर्गीय ने कहा- एक पाश्चात्य कहावत है, जो अच्छी नहीं है। विदेशों में इस कहावत की चर्चा होती है। हमारे यहां क्या है कि अच्छा पहने लड़की, अच्छा श्रृंगार करें, खूब अच्छे गहने पहने, सुंदर कपड़े पहने, उसे बहुत अच्छा मानते हैं। लेकिन विदेश में जो कम कपड़े पहनती हैं, उसको अच्छा मानते हैं। ये उनकी सोच है।
उन्होंने आगे कहा- ऐसा कहते हैं कि कम कपड़े पहनने वाली लड़की, जिस तरह सुंदर होती है, उसी तरह कम भाषण देने वाला नेता भी बहुत बढ़िया होता है। ऐसी कहावत है विदेश में। मैं इसका पालन नहीं करता हूं। मैं तो इसको नहीं मानता हूं। मैं तो ये मानता हूं कि हमारे यहां महिलाएं देवी का स्वरूप हैं, खूब अच्छे कपड़े पहने।
मुझे तो कम कपड़े वाली लड़कियां अच्छी नहीं लगतीं। सेल्फी लेने आती हैं तो मैं कहता हूं कि बेटा अच्छे कपड़े पहनकर आना फिर सेल्फी खिंचवाना।
कैलाश विजयवर्गीय
कैबिनेट मंत्री
‘सुमित मिश्रा, महेंद्र हार्डिया से कुछ न कुछ सीखता हूं’ मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे सुमित मिश्रा, महेंद्र हार्डिया इन सब से कुछ न कुछ सीखता हूं। महेंद्र हार्डिया से भी सीखा। चेहरा दिखाया, 11 बजे बराबर प्रोग्राम में पहुंच जाएंगे। अगली जगह 12 बजे कार्यक्रम है तो चुपचाप फोन पर बात करते हुए सीध सटक लेंगे और 12 बजे वहां।
एक बार मैं शादी में गया, वहां महेंद्र बाबा का पूछा तो बताया कि वह 7 बजे ही आ गए। कोई भी नहीं था, टेंट वाले को लिफाफा देकर चले गए। महेंद्र बाबा से भी सीखता हूं। मैंने 3-3 बजे तक शादी अटेंड की, लेकिन सोच लिया है कि 12 बजे तक ही शादी अटेंड करूंगा। सुबह 6 बजे वापस नींद खुल जाती है। लेट सोता हूं तो अगला दिन खराब हो जाता है। 12 बजे शादियां में जाना बंद।
कमिश्नर साहब से भी सीखता हूं, मगर पालन नहीं कर पा रहा हमारे कमिश्नर साहब से भी सीखता हूं, मगर मैं पालन नहीं कर पा रहा हूं। फोन करो तो जी सर, यस सर…काम हो या नहीं, पर हां तो कर ही देंगे। मुझसे ये हो नहीं रहा है। मैं भी ये सीखना चाहता हूं कि मैं भी ऐसा करूं। भाई ये काम करना, यस कर देंगे सर…। ये सीखने की कोशिश कर रहा हूं। सीख गया तो इनको धन्यवाद दूंगा।

पेड़ लगाना बड़ी बात नहीं, उनका संरक्षण करना जरूरी मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि हमें खुशी है कि हमारे प्रधानमंत्री ने पिछले साल एक पेड़ मां के नाम लगाने के लिए संदेश दिया था, प्रेरणा दी थी। इंदौर इसमें अव्वल नंबर पर रहा था। पीएम ने मन की बात में इंदौर की तारीफ भी की थी। इस बार फिर इंदौर एक पेड़ मां के नाम से 51 लाख पेड़ लगाएगा।
हमारे मेयर के नेतृत्व में इंदौर और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में पेड़ लगाएंगे। पेड़ लगाना बड़ी बात नहीं, उनका संरक्षण करना जरूरी है। इसलिए इंदौर नगर निगम ने संकल्प लिया है कि वह पेड़ लगाने के साथ उसका संरक्षण भी करेंगे।
आज विधायकों से कहा कि वे अपनी विधायक निधि से जहां-जहां पेड़ लगे हैं, उसके सुरक्षा कवच के लिए पैसे देंगे तो ये पेड़ बचेंगे। मुझे लगता है कि सभी विधायक इस पर चिंता से काम करेंगे। जितने भी तालाब हैं इंदौर जिले में, उनकी बाउंड्री पर वृक्षारोपण करें, उससे मिट्टी का रिसाव कम होगा।

1100 से अधिक पौधों का रोपण किया गया नेहरू उद्यान प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 51 लाख वृक्षारोपण के दृढ़ संकल्प के साथ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसीराम सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, महेन्द्र हार्डिया द्वारा नेहरू पार्क में पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की गई।
नेहरू पार्क में बनाए सिंदूर वाटिका, आम वाटिका में 1100 से अधिक पौधों का रोपण किया गया। इस मौके पर उद्यान विभाग के 5 अधिकारी/कर्मचारियों का नेहरू पार्क में सराहनीय काम करने पर शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

दो साल पहले भी लड़कियों के पहनावे पर दिया था बयान कैलाश विजयवर्गीय ने 2 साल पहले भी 12 अप्रैल 2023 को हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर इंदौर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लड़कियों के पहनावे पर कमेंट किया था। उन्होंने कहा था कि लड़कियां इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती हैं कि बिल्कुल शूर्पणखा लगती हैं।
विजयवर्गीय के इस बयान पर खूब बवाल हुआ था। उन्होंने कहा- ‘मैं आज भी जब निकलता हूं, पढ़े-लिखे नौजवानों, बच्चों को झूमते हुए देखता हूं तो सच में ऐसी इच्छा होती है कि पांच-सात ऐसी दूं कि उनका नशा उतर जाए। सच कह रहा हूं, भगवान की कसम।
हनुमान जयंती पर झूठ नहीं बोलूंगा। लड़कियां भी इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती हैं कि…अपन महिलाओं को देवी बोलते हैं। उनमें देवी का स्वरूप ही नहीं दिखता। बिल्कुल शूर्पणखा लगती हैं। सच में अच्छा सुंदर भगवान ने शरीर दिया है। जरा अच्छा कपड़ा पहनो यार। बच्चों में आप संस्कार डालिए। मैं बहुत चिंतित हूं।

*विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय निगम आयुक्त शिवम वर्मा से क्या सीखने की कोशिश कर रहे हैं सुनिए…..*